समाचार · मध्य प्रदेश
मोबाइल कोर्ट ने वसूला एक लाख रुपए जुर्माना:31 प्रकरणों में कार्रवाई, अवैध होर्डिंग पर भी केस दर्ज
शहर में गंदगी फैलाने, अस्थायी अतिक्रमण और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नगर निगम ने मोबाइल कोर्ट के माध्यम से कार्रवाई तेज कर दी है। नगर निगम मजिस्ट्रेट निशांत मिश्रा के नेतृत्व में संचालित मोबाइल कोर्ट ने विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण कर कुल 31 प्रकरण दर्ज किए हैं। इस कार्रवाई के दौरान कुल 1 लाख 1 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। दर्ज किए गए 31 प्रकरणों में से 06 मामलों में संबंधित लोगों ने मौके पर जुर्माना राशि जमा करने से इनकार कर दिया। इन मामलों को अब न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, एक अवैध होर्डिंग का प्रकरण भी बनाया गया है, जिसे न्यायालय में पेश किया जाएगा। नोडल अधिकारी विधि अनूप लिटोरिया ने बताया कि नगर निगम और खाद्य विभाग की एक संयुक्त टीम ने भी निरीक्षण किया। इस टीम ने कम्पू स्थित परमानंद स्वीट्स, भोलेनाथ स्वीट्स, नया बाजार, दाल बाजार, लोहिया बाजार, चेतकपुरी स्थित आइवरी रेस्टोरेंट और सिटी सेंटर क्षेत्र के अल्फांजो, रमाया होटल तथा क्वालिटी रेस्टोरेंट का दौरा किया। खाद्य विभाग की टीम ने इन प्रतिष्ठानों से खाद्य पदार्थों के नमूने भी लिए। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर गंदगी और अस्थायी अतिक्रमण पाया गया। इस पर नगर निगम अधिनियम की धारा 322 और 248 के तहत मौके पर ही जुर्माने की कार्रवाई की गई। अधिकारियों के अनुसार, रमाया होटल में शाकाहारी और मांसाहारी सामग्री एक साथ रखी मिली। इसके अलावा, रमाया होटल और आइवरी रेस्टोरेंट में बड़ी संख्या में एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री भी मिली। टीम ने इन अनियमितताओं पर भी आवश्यक कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान पनीर भी जब्त किया गया है। खाद्य विभाग ने इसके नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि जब्त किया गया पनीर वास्तविक दूध से बना है या इसमें कृत्रिम वसा अथवा वनस्पति घी का उपयोग किया गया है। नगर निगम मजिस्ट्रेट निशांत मिश्रा ने स्पष्ट किया कि शहर में स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा और सुचारू यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। अधिकारियों ने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मौके पर कार्रवाई के साथ-साथ आवश्यकतानुसार प्रकरण न्यायालय में भी प्रस्तुत किए जाएंगे।