Wednesday, 12 August 2026
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रिम्स में बढ़ीं 169 मेडिकल सीटें, पुराने IPD-OPD और एकेडमिक ब्लॉक का होगा विस्तार

INT News12 August 2026 at 10:51 pm

रांची: राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RMCH) में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है. रिम्स में MBBS की सीटें 180 से बढ़ाकर 250 और PG की सीटें 176 से बढ़ाकर 275 कर दी गयी हैं. यानी MBBS में 70 और PG में 99 सीटों की वृद्धि हुई है. सीटों में प्रस्तावित बढ़ोतरी के अनुरूप संस्थान की आधारभूत संरचना को भी मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी गयी है.

इस संबंध में बुधवार को स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई. बैठक में रिम्स के पुराने IPD, OPD और एकेडमिक ब्लॉक के जीर्णोद्धार एवं विस्तार पर चर्चा हुई. इसके अलावा नॉर्थ और साउथ कैंपस स्थित हॉस्टल व क्वार्टर के भी जीर्णोद्धार का निर्णय लिया गया.

इन कार्यों के लिए सेंट्रल स्पॉन्सर्ड स्कीम के तहत करीब 380 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार करने पर सहमति बनी. बैठक में बढ़ती छात्र संख्या और मरीजों के दबाव को देखते हुए रिम्स की मौजूदा सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया.

पोस्ट-पीजी सीटें 11 से बढ़ाकर 100 करने की तैयारी

रिम्स में पोस्ट-पीजी सीटों की संख्या भी बढ़ाने की तैयारी है. बैठक में पोस्ट-पीजी सीटों को 11 से बढ़ाकर 100 करने के लिए डीपीआर तैयार करने पर सहमति बनी. वहीं, MBBS सीट बढ़ाने के प्रस्ताव को लेकर नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) से सैद्धांतिक सहमति मिलने की जानकारी भी दी गयी.

पीजी हॉस्टल और स्टेडियम PPP मोड पर विकसित होंगे

रिम्स में PG और पोस्ट-पीजी हॉस्टल के साथ स्टेडियम कॉम्प्लेक्स के विकास का प्रस्ताव PPP मोड पर तैयार किया जायेगा. इन परियोजनाओं पर करीब 450 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. बैठक में संस्थान की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आधारभूत संरचनाओं के विस्तार की कार्ययोजना पर चर्चा हुई.

भर्ती और डिस्चार्ज के लिए तय होंगे स्पष्ट मानदंड

रिम्स में मरीजों के एडमिशन और डिस्चार्ज की व्यवस्था को भी व्यवस्थित करने का निर्देश दिया गया. अपर मुख्य सचिव ने कहा कि जिन मरीजों को अस्पताल में भर्ती रखकर उपचार या निगरानी की आवश्यकता नहीं है, उन्हें अनावश्यक रूप से लंबे समय तक वार्ड में नहीं रखा जाना चाहिए.

इसके लिए डिस्चार्ज के स्पष्ट मानदंड और एसओपी तैयार करने का निर्देश दिया गया, ताकि गंभीर मरीजों को समय पर बेड उपलब्ध कराया जा सके. बिना रेफरल आने वाले मरीजों की भर्ती व्यवस्था को भी नियंत्रित करने पर जोर दिया गया.

2014 की नियमावली में होगा बदलाव

बैठक में वर्ष 2014 में लागू रिम्स की नियमावली को वर्तमान जरूरतों के अनुरूप पुनर्गठित करने का निर्देश दिया गया. इसके साथ ही चिकित्सकों समेत सभी स्वीकृत और कार्यरत पदों की समीक्षा कर संस्थान की मौजूदा जरूरतों के अनुसार पद संरचना को पुनर्गठित करने को कहा गया.

बैठक में अपर सचिव शशि प्रकाश सिंह, रिम्स के कार्यकारी निदेशक डॉ डीके सिन्हा, सहायक निदेशक बाघमारे प्रसाद कृष्ण सहित स्वास्थ्य विभाग और रिम्स के अन्य पदाधिकारी मौजूद थे.