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The Exam That Cannot Leak: चार दिन तक अमेजन पर नंबर-1 रही झारखंड के लेखक की पुस्तक, परीक्षा सुधार पर बनी चर्चा का केंद्र

INT News25 September 2026 at 08:49 pm

The Exam That Cannot Leak: प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और परीक्षा सुधार जैसे गंभीर विषय पर लिखी झारखंड के लेखक डॉ सुदीप कुमार की पुस्तक The Exam That Cannot Leak ने ई-बुक के रूप में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है. 20 सितंबर 2026 को जारी यह पुस्तक 21 से 24 सितंबर तक लगातार चार दिनों तक अमेजन पर अपनी संबंधित श्रेणी में बेस्टसेलर और पहले स्थान पर रही. परीक्षा व्यवस्था में सुधार को केंद्र में रखकर लिखी गई इस पुस्तक की सफलता को झारखंड के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है.

परीक्षा व्यवस्था को हर पक्ष से देखने का प्रयास

पुस्तक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें केवल विद्यार्थियों की नहीं, बल्कि सरकार, परीक्षा संस्थाओं, शिक्षकों और समाज सहित प्रतियोगी परीक्षा से जुड़े सभी हितधारकों को ध्यान में रखकर परीक्षा व्यवस्था का विश्लेषण किया गया है. लेखक ने पेपर लीक को किसी एक राज्य या परीक्षा तक सीमित समस्या न मानकर वैश्विक चुनौती बताया है. साथ ही इसके समाधान के लिए संस्थागत और तकनीकी सुधारों का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया है.

'जीरो-लीक प्रिंसिपल' बना पुस्तक का केंद्रीय विचार

पुस्तक का मुख्य आधार Zero-Leak Principle है, जिसका संदेश है, Eliminate the Opportunity, Reduce the Incentive, Change the Culture. इसके तहत सुरक्षित प्रश्न-संग्रह से परीक्षा शुरू होने से लगभग एक घंटे पहले पूर्वनिर्धारित नियमों के अनुसार अंतिम प्रश्नपत्र तैयार करने, उसे एन्क्रिप्टेड माध्यम से परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने और नियंत्रित प्रिंटिंग की व्यवस्था का प्रस्ताव दिया गया है। विचार यह है कि अगर चोरी का मौका ही कम कर दिया जाए, तो कई चालाकियां अपने आप बेरोजगार हो जाएंगी.

नई परीक्षा एजेंसियों का सुझाव

डॉ सुदीप कुमार ने पुस्तक में Central Specialized Examination Agency और State Specialized Exam Agency की दो-स्तरीय व्यवस्था का सुझाव दिया है. इन संस्थाओं की भूमिका भर्ती करने की नहीं, बल्कि परीक्षा संचालन, प्रश्नपत्र सुरक्षा और मूल्यांकन तक सीमित रखने की बात कही गई है. साथ ही पद की प्रकृति के अनुसार अधिकतम चार चरणों वाली परीक्षा प्रणाली का प्रस्ताव रखा गया है, जिसमें प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा, विशेषज्ञ मूल्यांकन और साक्षात्कार शामिल हो सकते हैं.

गैर-चयनित छात्रों के लिए Achievement Card

पुस्तक की चर्चित अवधारणाओं में "Achievement Card" भी शामिल है. इसका उद्देश्य ऐसे विद्यार्थियों के ज्ञान, कौशल और प्रदर्शन को प्रमाणित करना है, जो अंतिम चयन सूची में जगह नहीं बना पाते. लेखक का मानना है कि परीक्षा में असफल होना किसी विद्यार्थी की पूरी क्षमता की असफलता नहीं है. यह कार्ड उन्हें रोजगार, कौशल विकास, प्रशिक्षण और उद्यमिता जैसे अवसरों से जोड़ने में मदद कर सकता है.

एआई युग के हिसाब से परीक्षा सुधार की बात

पुस्तक में भविष्य के एआई आधारित कार्य-परिदृश्य को देखते हुए पाठ्यक्रम और परीक्षा प्रणाली में बदलाव की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है. लेखक ने मजबूत सर्विस कैडर, समयबद्ध पदोन्नति, स्पष्ट करियर पथ और नेतृत्व क्षमता वाले कार्यबल की जरूरत बताई है. इसके अलावा शिक्षक चयन एवं प्रशिक्षण, शीर्ष स्तर के प्रबंधन और राज्य सचिवालय सेवा में सुधार जैसे सुझाव भी पुस्तक में शामिल किए गए हैं.

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कौन हैं डॉ सुदीप कुमार?

डॉ सुदीप कुमार झारखंड सचिवालय सेवा के प्रशाखा पदाधिकारी हैं और वर्तमान में जल संसाधन विभाग, हजारीबाग में कार्यरत हैं. उन्होंने इतिहास विषय में पीएचडी की है और वे इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस के आजीवन सदस्य हैं. वे राष्ट्रीय स्तर के शतरंज खिलाड़ी भी रह चुके हैं. वर्ष 2013 में उनके नेतृत्व में झारखंड को बेंगलुरु के इंटरनेशनल टूरिज्म एंड ट्रेड फेयर में अमाडुबी के ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रथम स्थान मिला था. उनकी दो पुस्तकें पहले भी प्रकाशित हो चुकी हैं. The Exam That Cannot Leak को मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद अब वे इसके हिंदी संस्करण पर भी काम कर रहे हैं.

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