समाचार · बिहार
तेज धमाके से मकान क्षतिग्रस्त, घटनास्थल से बच्चे के अवशेष मिलने से मचा हड़कंप

भरगामा (अररिया). भरगामा प्रखंड मुख्यालय के पश्चिमी भाग स्थित मुस्लिम टोला में शुक्रवार देर शाम तेज धमाके से एक मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. विस्फोट की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के इलाके में अफरातफरी मच गई. क्षतिग्रस्त मकान नूर मोहम्मद के पुत्र मो. अख्तर का बताया जा रहा है. घटना के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं. प्रारंभ में आधा दर्जन लोगों के हताहत होने की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन पुलिस ने तत्काल किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की थी. बाद में घटनास्थल की जांच के दौरान करीब 10 से 12 वर्ष के बच्चे के सिर की खोपड़ी और शरीर के क्षत-विक्षत हिस्से मिलने की सूचना सामने आई, जिसके बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है.
वीडियो देखने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें
पटाखा निर्माण के दौरान विस्फोट की आशंका
स्थानीय लोगों के अनुसार मो. अख्तर द्वारा आतिशबाजी में इस्तेमाल होने वाले पटाखों के निर्माण का काम किए जाने की बात सामने आ रही है. बताया जाता है कि शुक्रवार देर शाम कुछ मजदूर मकान में पटाखा निर्माण के काम में लगे थे. इसी दौरान आतिशबाजी में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को एक बोरे से दूसरे बोरे में डालने के क्रम में अचानक जोरदार विस्फोट हो गया. विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मकान का एक हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया.
घटनास्थल से बच्चे के क्षत-विक्षत अवशेष मिलने की सूचना
घटना के बाद घटनास्थल की जांच के दौरान 10 से 12 वर्ष के बच्चे की खोपड़ी और शरीर के क्षत-विक्षत हिस्से मिलने की सूचना मिली है. इन अवशेषों की पहचान और घटना से उनके संबंध की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. घटनास्थल पर यह जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है. अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि विस्फोट के समय मकान में कितने लोग मौजूद थे और घटना में कौन-कौन प्रभावित हुआ है.
मजदूरों के प्रभावित होने की भी चर्चा
घटना में मो. अख्तर की पत्नी समेत पटाखा निर्माण में लगे मजदूरों के भी प्रभावित होने की चर्चा है. घटना के तत्काल बाद मौके पर मौजूद लोग वहां से निकल गए. बताया जाता है कि घटना के बाद से मकान से जुड़े लोग भी सामने नहीं आए हैं.
ग्रामीण भी मामले को लेकर स्पष्ट जानकारी देने से परहेज कर रहे हैं. ऐसे में घटना में प्रभावित लोगों की वास्तविक संख्या फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है.
एसपी और डीएसपी भी पहुंचे घटनास्थल
घटना और घटनास्थल से बच्चे के अवशेष मिलने की सूचना के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया. सूचना मिलते ही एसपी जितेंद्र कुमार और डीएसपी फारबिसगंज भी घटनास्थल पर पहुंचे. अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त मकान और आसपास के क्षेत्र का जायजा लिया तथा घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी ली. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि विस्फोट किस कारण से हुआ और घटनास्थल पर किस प्रकार की सामग्री मौजूद थी.
पहले भी पुलिस अधिकारियों ने किया था घटनास्थल का निरीक्षण
घटना की प्रारंभिक सूचना मिलने के बाद सर्किल इंस्पेक्टर सतीश कुमार सिंह, भरगामा थानाध्यक्ष राजेश कुमार, अपर थानाध्यक्ष सोनू कुमार, एसआई गुड्डू कुमार और पुलिस बल के जवान मौके पर पहुंचे थे. पुलिस टीम ने मकान के क्षतिग्रस्त हिस्से और आसपास के क्षेत्र का जायजा लिया था. अब वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के पहुंचने के बाद घटना की जांच और साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई को और गंभीरता से आगे बढ़ाया जा रहा है.
पटाखा या सिलेंडर, जांच के बाद स्पष्ट होगा कारण
कुछ ग्रामीणों का कहना है कि घटना पटाखा निर्माण के दौरान हुई, जबकि कुछ लोगों ने सिलेंडर ब्लास्ट होने की आशंका जताई है. विस्फोट के वास्तविक कारण को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. घटनास्थल से मिले अवशेषों, क्षतिग्रस्त मकान और वहां मौजूद सामग्री की जांच के बाद ही विस्फोट के वास्तविक कारण और घटना में प्रभावित लोगों की संख्या स्पष्ट हो सकेगी.