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Jharkhand Weather: झारखंड में भारी बारिश का कहर, 4 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, खरकई नदी खतरे के निशान से ऊपर

Jharkhand Weather: झारखंड में पिछले दो दिनों से हो रही तेज बारिश ने कई जिलों में जनजीवन प्रभावित कर दिया है. रांची स्थित मौसम केंद्र के अनुसार छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ रहे गहरे दबाव क्षेत्र के असर से राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने लोहरदगा, लातेहार, गुमला और सिमडेगा के लिए बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि 14 अन्य जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट घोषित किया गया है. राहत की बात यह है कि शनिवार से बारिश की तीव्रता कम होने और 27 सितंबर से मौसम में सुधार आने की संभावना जताई गई है.
मौसम विभाग ने क्या कहा?
मौसम केंद्र के उप निदेशक अभिषेक आनंद ने कहा कि गुरुवार रात से गहरे दबाव क्षेत्र के प्रभाव के कारण राज्य के कई इलाकों में भारी बारिश हो रही है. उन्होंने कहा कि शनिवार से वर्षा की तीव्रता घट सकती है और 27 सितंबर से मौसम सामान्य होने की उम्मीद है. मौसम भी कभी-कभी ऐसा मेहमान बन जाता है जो बिना बुलाए आता है और जाते-जाते नदियों का मिजाज बदल देता है.
इन जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट
IMD ने शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक लोहरदगा, लातेहार, गुमला और सिमडेगा में बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इसके अलावा राज्य के 14 जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है.
तीन जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा
मौसम विभाग ने पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम जिलों के लिए आकस्मिक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का अलर्ट भी जारी किया है. जमशेदपुर में गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे से शुक्रवार सुबह साढ़े 11 बजे तक 56.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है.
खरकई नदी खतरे के निशान से ऊपर
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां को जोड़ने वाले खरकई पुल के पास शुक्रवार दोपहर 12 बजे नदी का जलस्तर 129.860 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 129 मीटर है. वहीं मानगो पुल के पास स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर सुबह 10 बजे 120.54 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो खतरे के निशान 121.50 मीटर से कुछ नीचे रहा. हालांकि जलस्तर लगातार बढ़ने से प्रशासन निगरानी बनाए हुए है.
बारिश की कमी घटकर 3 प्रतिशत
लगातार हो रही बारिश का असर राज्य के मौसमी आंकड़ों पर भी दिखा है. झारखंड में बारिश की कमी घटकर अब केवल 3 प्रतिशत रह गई है. एक जून से 25 सितंबर तक राज्य में सामान्य 992 मिलीमीटर के मुकाबले 962.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है.
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किन जिलों में कम और ज्यादा बारिश?
राज्य के आठ जिले अब भी सामान्य से कम बारिश की स्थिति में हैं. इनमें पाकुड़ में सबसे अधिक 51 प्रतिशत, चतरा में 36 प्रतिशत और साहिबगंज में 33 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है. वहीं आठ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है. पश्चिमी सिंहभूम में सबसे ज्यादा 47 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है. इसके बाद सरायकेला-खरसावां में 21 प्रतिशत और रांची में 15 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग के अनुसार सामान्य वर्षा से 19 प्रतिशत तक का विचलन सामान्य श्रेणी में माना जाता है.
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