समाचार · उत्तर प्रदेश
Noida Bus Fire: 'मां को छोड़कर नहीं जाऊंगा'... आग की लपटों में मां-बेटे ने गंवाई जान, BJP जिला कोषाध्यक्ष के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

Noida Bus Fire: नोएडा में हुए भीषण बस अग्निकांड में महोबा के चरखारी निवासी भाजपा जिला कोषाध्यक्ष नीरज गुप्ता की पत्नी सुनीता गुप्ता और उनके इंजीनियर बेटे शशांक गुप्ता की मौत हो गई. शशांक गुरुग्राम में इंडिगो एयरलाइंस में इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे और अपनी मां के साथ गुरुग्राम से महोबा लौट रहे थे. हादसे के बाद दोनों लापता बताए जा रहे थे. अब पुलिस ने दोनों के शवों की शिनाख्त कर ली है.
इलाज के बाद मां को लेकर लौट रहा था बेटा
50 वर्षीय सुनीता गुप्ता पिछले करीब एक महीने से गुरुग्राम में अपने बेटे के साथ रह रही थीं. वह घुटनों और पैर के दर्द का इलाज करा रही थीं. शशांक अपनी मां को इलाज के बाद महोबा लेकर लौट रहे थे. दोनों बस की पिछली सीट पर बैठे थे. इसी दौरान बस में अचानक आग लग गई और देखते ही देखते आग और धुआं तेजी से फैलने लगा.
मां को अकेला छोड़कर नहीं निकला शशांक
बस में आग लगने के बाद यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई. ऐसे समय में शशांक अपनी मां को बचाने में जुटे रहे. बताया गया कि मां के लिए चलना मुश्किल था, इसलिए वह उन्हें अकेला छोड़कर बाहर नहीं निकले. आग और धुएं के बीच दोनों ने बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन अत्यधिक धुएं के कारण वे बेहोश हो गए और आग की चपेट में आ गए.
परिजनों ने चालक-परिचालक पर लगाए आरोप
हादसे के बाद परिवार ने बस चालक और परिचालक पर लापरवाही का आरोप लगाया. परिजनों का कहना है कि बस में जलने की बदबू आने की शिकायत यात्रियों ने की थी, लेकिन इसके बावजूद बस को समय रहते नहीं रोका गया. इसके बाद आग ने विकराल रूप ले लिया और यात्रियों को बाहर निकलने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा.
DNA जांच और हुलिए से हुई पहचान
आग की भयावहता के चलते शवों की पहचान करना आसान नहीं था. हादसे के बाद परिवार लगातार मां-बेटे की तलाश में था. पुलिस ने DNA जांच और हुलिए के आधार पर दोनों शवों की पहचान की. शशांक की मौत की खबर ने परिवार को झकझोर दिया, जबकि सुनीता की भी हादसे में जान चली गई.
महोबा में पसरा मातम, नेताओं ने जताया दुख
मां-बेटे की मौत की खबर सामने आने के बाद महोबा और चरखारी में शोक की लहर दौड़ गई. पूर्व सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल समेत भाजपा के कई नेता और कार्यकर्ता नीरज गुप्ता के आवास पहुंचे और परिवार को सांत्वना दी. एक ही हादसे में पत्नी और बेटे को खोने के बाद परिवार गहरे सदमे में है.
यह भी देखें: 'काश! मैंने उन्हें ट्रेन से ही भेज दिया होता...' यमुना एक्सप्रेसवे बस अग्निकांड में पिता की मौत, बेटे को जिंदगी भर रहेगा इस फैसले का अफसोस