Saturday, 26 September 2026
INTइंडियन न्यूज़ ट्रस्टजहाँ सत्य मिले विश्वास से
ताज़ा खबरें

समाचार · उत्तराखंड

इच्छा है कि मेरी अंतिम यात्रा भी हरिद्वार के प्रतिनिधि के तौर पर निकले; भावुक होकर बोले पूर्व सीएम हरीश रावत

INT News25 September 2026 at 08:19 pm

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने एक दिन पहले हरिद्वार से आगामी चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी और इसके बाद शुक्रवार को वह यहां आ पहुंचे। इस दौरान यहां उन्होंने पूरे विधि-विधान से हरकी पैड़ी पर मां गंगा का पूजन-अर्चन किया और साथ ही प्रदेश की खुशहाली की कामना भी की। यहां पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने अपनी राजनीतिक इच्छा और व्यक्तिगत आकांक्षा के बारे में खुलकर बात की। रावत ने भावुक अंदाज में बताया कि उनकी इच्छा है कि जीवन के आखिरी वक्त में उनकी अंतिम यात्रा हरिद्वार के प्रतिनिधि के तौर पर निकले।शुक्रवार को हरिद्वार पहुंचने पर रावत ने सबसे पहले हरकी पैड़ी पर गंगा पूजन किया। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि दिल है कि मानता नहीं और यह दिल मांगे मोर। आगे उन्होंने कहा कि यह भी सच है कि जो दिल मांगता है वह पूरा होता भी नहीं है। उन्होंने कहा, ‘हरिद्वार से चुनाव लड़ना है या नहीं, यह उस समय की परिस्थितियों, समय, स्वास्थ्य और उम्र पर निर्भर करेगा।’परिस्थितियों के अनुसार लिया जाएगा आखिरी निर्णयउन्होंने कहा कि हरिद्वार से चुनाव लड़ने की इच्छा उनके मन में जरूर है, लेकिन अंतिम निर्णय परिस्थितियों के अनुसार ही लिया जाएगा। उन्होंने अपनी अंतिम इच्छा बताते हुए कहा कि जब भी जीवन का आखिरी समय आए तो उनकी अंतिम यात्रा हरिद्वार के प्रतिनिधि के तौर पर निकले।एक दिन पहले जताई थी हरिद्वार से चुनाव लड़ने की इच्छारावत की यह टिप्पणी उनकी एक दिन पहले की सोशल मीडिया पोस्ट के बाद सामने आई है। उस पोस्ट में उन्होंने हरिद्वार से चुनाव लड़ने की इच्छा जताते हुए कहा था कि हरिद्वार पर उनका कर्ज है और वह यहां की सेवा कर अपना कर्ज उतारना चाहते हैं। इसके बाद शुक्रवार को हरकी पैड़ी पहुंचकर उन्होंने गंगा पूजन किया। CM की तारीफ को बताया लोकतंत्र की स्वस्थ परंपरामुख्यमंत्री की ओर से हाल में की गई उनकी सार्वजनिक सराहना के सवाल पर रावत ने कहा कि यह मुख्यमंत्री का शिष्टाचार, सौम्यता और बड़प्पन है। राजनीतिक मतभेदों के बावजूद एक-दूसरे के प्रति सम्मान और शिष्टाचार बनाए रखना लोकतंत्र की स्वस्थ परंपरा है।चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवालवहीं, चुनाव आयोग को लेकर रावत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी पिछले 2-3 वर्षों से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। रावत ने दावा किया कि हाल में दो चुनाव आयुक्तों के बयानों और रुख से राहुल गांधी की चेतावनियों की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि चुनाव कराने वाली संस्थाओं की निष्पक्षता और साख पर सवाल उठना लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को तत्काल हटाने और उनके खिलाफ महाभियोग चलाने की मांग भी की।