Thursday, 2 July 2026
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दिल्ली-NCR को मोदी कैबिनेट की सौगात: द्वारका एक्सप्रेसवे से वसंत कुंज के बीच बनेगी 6-लेन की टनल

INT News1 July 2026 at 03:47 pm

Union Cabinet Meeting: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दिल्ली में द्वारका एक्सप्रेसवे को वसंत कुंज स्थित नेल्सन मंडेला मार्ग से जोड़ने के लिए सुरंग परियोजना को बुधवार को मंजूरी दे दी. इस छह-लेन की परियोजना में कुल 6,969.67 करोड़ रुपये की लागत आएगी. केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि एनएच-148एई के लिए 8.1 किलोमीटर लंबी इस सड़क सुरंग का निर्माण हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (एचएएम) के तहत किया जाएगा और इसे पांच वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य है.

प्रोजेक्ट दिल्ली के लिए फायदेमंद होगा साबित : अश्विनी वैष्णव

केंद्रीय कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह प्रोजेक्ट दिल्ली की एक बहुत पुरानी मांग को पूरा करेगा और आने वाले समय में दिल्लीवासियों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा.

#WATCH | Delhi: At the Union cabinet briefing, Union Minister Ashwini Vaishnaw says, "The first project is the 2-lane Dwarka tunnel. This will prove to be a huge boon for Delhi. This 8-kms tunnel addresses a long-standing demand… As per the detailed map: starting from the Shiv… pic.twitter.com/CWtmuQ8flY

— ANI (@ANI) July 1, 2026

पश्चिम और दक्षिण दिल्ली के बीच सफर होगा आसान

पश्चिम और दक्षिण दिल्ली के बीच के सफर को बेहद आसान और जाम-मुक्त बनाने के लिए एक मेगा प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने जा रहा है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) एक ऐसी परियोजना पर काम कर रहा है, जो अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-2) और द्वारका एक्सप्रेसवे को सीधे दक्षिण दिल्ली के वसंत कुंज से जोड़ देगी. इस परियोजना के पूरा होने से गुरुग्राम, द्वारका, इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डा और पश्चिम दिल्ली से दक्षिण दिल्ली आने-जाने वाले लोगों का समय काफी बचेगा.

रिज क्षेत्र को नुकसान पहुंचाए बिना बनेगी ट्विन-ट्यूब सुरंग

इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसका पर्यावरण-अनुकूल होना है. मुख्य मार्ग की कुल लंबाई 6.3 किलोमीटर होगी, जिसका 1.98 किलोमीटर लंबा हिस्सा ‘सदर्न रिज फॉरेस्ट’ (Southern Ridge Forest) के नीचे से होकर गुजरेगा. इस हिस्से में टनल बोरिंग मशीन (TBM) की मदद से अत्याधुनिक अंडरग्राउंड ट्विन-ट्यूब सुरंग बनाई जाएगी. भूमिगत निर्माण होने के कारण सतह पर यातायात या पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा और रिज क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित रहेगा. यह टनल शिवमूर्ति इंटरचेंज से शुरू होकर नेल्सन मंडेला मार्ग और महिपालपुर-छतरपुर रोड के चौराहे से ठीक पहले खत्म होगी.

क्या है रिज?

दिल्ली का हरा-भरा पहाड़ी इलाका, जो अरावली पर्वत शृंखला का एक हिस्सा है. यह दिल्ली के पर्यावरण के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है.

एम्स से महिपालपुर के बीच बनेगा एलिवेटेड कॉरिडोर, नोएडा-गाजियाबाद जाना होगा आसान

यातायात को और अधिक सुगम बनाने के लिए NHAI ने एम्स (AIIMS) से महिपालपुर के बीच एक शानदार एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने का भी प्रस्ताव रखा है. यह कॉरिडोर इस सुरंग को सीधे बारापुला एलिवेटेड रोड से जोड़ देगा. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि पश्चिम और दक्षिण दिल्ली के लोग बिना किसी रेड लाइट के सीधे पूर्वी दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा तक का सफर तय कर सकेंगे.

1.8 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड सड़क बनाई जाएगी

नेल्सन मंडेला मार्ग और महिपालपुर-छतरपुर रोड के चौराहे पर लगने वाले भीषण जाम को खत्म करने के लिए वहां 1.8 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड सड़क बनाई जाएगी. साथ ही, छतरपुर से महिपालपुर की तरफ मौजूदा फ्लाईओवर के समानांतर एक और नया फ्लाईओवर बनाया जाएगा और छतरपुर की तरफ मुड़ने वाले वाहनों के लिए एक एलिवेटेड यू-टर्न भी तैयार किया जाएगा. इन सभी प्रस्तावित फ्लाईओवर और यू-टर्न को मिलाकर परियोजना की कुल लंबाई 8.1 किलोमीटर हो जाएगी.

रोजगार के खुलेंगे बड़े द्वार: 17 लाख से ज्यादा मानव-दिवस का होगा सृजन

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया, यह परियोजना न सिर्फ दिल्ली की रफ्तार बढ़ाएगी, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा करेगी. एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, राष्ट्रीय राजमार्ग के प्रत्येक लेन-किलोमीटर के निर्माण से रोजाना औसतन 264 प्रत्यक्ष और 55 अप्रत्यक्ष मानव-दिवस रोजगार मिलते हैं. इस गणित के हिसाब से देखें तो इस पूरी परियोजना के निर्माण के दौरान लगभग 7.54 लाख मानव-दिवस का प्रत्यक्ष रोजगार और 9.80 लाख मानव-दिवस का अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होगा, जो युवाओं के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा.