Saturday, 26 September 2026
INTइंडियन न्यूज़ ट्रस्टजहाँ सत्य मिले विश्वास से
ताज़ा खबरें

समाचार · झारखंड

SIR-2026: खूंटी में 1.32 लाख मतदाताओं को नोटिस, डीसी ने बताई पूरी वजह

INT News25 September 2026 at 07:25 pm

खूंटी. विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर)-2026 के तहत जिले में 1,32,164 मतदाताओं को नोटिस जारी किया गया है. इनमें 26,980 मतदाताओं की 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग नहीं हो पायी है, जबकि 1,05,184 मामलों में तार्किक विसंगति (लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी) सामने आयी है.

3-4 लाख नाम हटाये जाने की बात भ्रामक

उपायुक्त मो जावेद हुसैन ने शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस में स्पष्ट किया कि नोटिस जारी होने का मतलब मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटना नहीं है. उन्होंने तीन-चार लाख नाम हटाये जाने की बात को भ्रामक और तथ्यहीन बताया.

दस्तावेजों के माध्यम से भी पात्रता और मैपिंग

डीसी ने बताया कि जिन मतदाताओं की 2003 की सूची से मैपिंग नहीं हो पायी है, उनसे 2003 की मतदाता सूची में दर्ज माता-पिता के नाम और संबंधित दस्तावेज मांगे जा रहे हैं. माता-पिता का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने पर दादा-दादी या नाना-नानी से संबंधित दस्तावेज भी प्रस्तुत किये जा सकते हैं. निर्धारित अन्य दस्तावेजों के माध्यम से भी पात्रता और मैपिंग का सत्यापन कराया जा सकता है.

ये भी पढ़ें: खूंटी में आफत बनी बारिश: नदियां उफान पर; कई इलाके जलमग्न, जनजीवन अस्त-व्यस्त

मतदाता जागरूकता अभियान

उपायुक्त ने बताया कि जिले के कुछ गांवों में शुरुआती स्तर पर लोगों द्वारा एनरोलमेंट फॉर्म भरने में रुचि नहीं दिखाने के मामले भी सामने आये हैं. ऐसे क्षेत्रों में जिला प्रशासन लगातार मतदाता जागरूकता अभियान चला रहा है और पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. इन क्षेत्रों में अब तक करीब 100 से 200 लोगों द्वारा एनरोलमेंट फॉर्म भरे जाने की सूचना है.

ये भी पढ़ें: खूंटी: अब बाजार की मांग पर होगी खेती, महिला किसानों को मिला तोहफा

लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी में 15 प्रकार की विसंगतियां

लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी में माता-पिता और बच्चों की उम्र में असामान्य अंतर, दस्तावेज और दर्ज नाम में अंतर समेत करीब 15 प्रकार की विसंगतियां शामिल हैं. ऐसे मामलों में मतदाताओं को अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया जा रहा है.

दावा-आपत्ति 30 सितंबर तक

प्रथम चरण की सुनवाई 12 अक्तूबर तक पूरी करने का प्रयास किया जा रहा है. वहीं दावा-आपत्ति के लिए 30 सितंबर तक समय निर्धारित है. इस अवधि में छूटे हुए पात्र लोगों को फॉर्म भरने के लिए लगातार जागरूक और प्रेरित किया जाएगा. मौके पर जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी ललन कुमार उपस्थित थे.