Thursday, 2 July 2026
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उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड खत्म; CM धामी बोले- यह 'वन नेशन वन एजुकेशन' की शुरुआत

INT News1 July 2026 at 09:35 pm

उत्तराखंड में बुधवार से मदरसा बोर्ड खत्म हो गया। अब इसकी जगह राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण ने ले ली है। इसके तहत मुस्लिम समेत सभी 5 अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदायों के शिक्षण संस्थान आएंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम में राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि पूरे विश्व को अपनी ज्ञानधारा से सिंचित करने वाले उत्तराखंड की यह जिम्मेदारी है कि वह शिक्षा एवं संस्कार के मामले में एक आदर्श स्थापित करे।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी सरकार ने समाज के सभी वर्गों को अच्छी, संस्कार युक्त और आधुनिक शिक्षा देने के लिए पहली जुलाई से उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की स्थापना करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इसके साथ मदरसा बोर्ड को भंग कर दिया गया है। उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण केवल उत्तराखंड ही नहीं वरन पूरे देश की शिक्षा व्यवस्था के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी के रूप में 'वन नेशन वन लॉ' की तरह अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के रूप में 'वन नेशन वन एजुकेशन' की शुरुआत भी उतराखंड से हो रही है। उत्तराखंड सरकार का संकल्प है कि राज्य में हर वर्ग, क्षेत्र और समुदाय के बच्चे को अच्छे संस्कार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। सपनों को मिलेगी नई उड़ानसीएम धामी ने कहा कि जब एक बच्चे को अच्छी शिक्षा मिलती है तो वह न केवल अपने भविष्य को बेहतर बनाता है वरन अपने परिवार, समाज और देश को बेहतर बनाने में अपना अमूल्य योगदान देता है। आज हम मात्र एक संस्था की शुरूआत नहीं कर रहे हैं वरन ऐसे भविष्य की मजबूत नींव रख रहे हैं जिसके जरिए राज्य के हर बच्चे के सपनों को एक नई उड़ान मिलेगी।आस्था और आधुनिकता के बीच संतुलन बनाना है मकसदमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ किया कि अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की स्थापना किसी भी समुदाय की धार्मिक पहचान, परंपरा या अधिकारों को प्रभावित करने के लिए नहीं वरन समाज के सभी वर्गों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए की गई है। हमारा मकसद आस्था और आधुनिकता के बीच संतुलन बनाना है। हम चाहते हैं कि अल्पसंख्यक समुदाय का हर बच्चा अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा रहे और विज्ञान, गणित, कम्प्यूटर, भाषा, और आधुनिक तकनीकों में भी दक्ष बने।आएगा सकारात्मक बदलावसीएम धामी ने कहा कि अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण केवल मान्यता देने वाली संस्था नहीं वरन गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण, पारदर्शी व्यवस्था और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन का मजबूत माध्यम बनेगा। सीएम धामी ने उम्मीद जताई कि प्राधिकरण आने वाले समय में हजारों बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा। यह गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाएगा।