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कैथल नगर परिषद में प्रोपर्टी टैक्स घोटाला:दो माह बाद भाजपा चेयरपर्सन ने दी सफाई, ईओ बोले-भ्रामक प्रचार वालों कार्रवाई करवाएंगे
कैथल नगर परिषद में डेवेलपमेंट चार्ज व प्रोपर्टी टैक्स के नाम पर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। हालांकि मामला दो माह पुराना है, लेकिन उस समय यह मामला सार्वजनिक नहीं किया था। अब मीडिया में मामला आने के बाद चेयरपर्सन सुरभि गर्ग ने फर्जीवाड़े को स्वीकार किया है। नगर परिषद में डेवेलपमेंट चार्ज व प्रोपर्टी के नाम पर कार्यकारी अधिकारी की एडमिन आईडी में गड़बड़ी करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने इस संबंध में नगर निकाय मंत्री और कैथल डीएमसी को शिकायत दी है और जांच की मांग की है। वहीं दूसरी ओर नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी ने गड़बड़ी के आरोपों को नकारते हुए कहा है कि कुछ लोग उन पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं। अगर किसी डेवेलपमेंट चार्ज की एंट्री में गड़बड़ी मिलती है तो उनको इसे ठीक करवाने की पावर है, जिनको वे संज्ञान में आने के बाद तुरंत ठीक करवा भी रहे हैं। 25 मई को शिकायत मिली थी, चेयरपर्सन ने अब आगे शिकायत दी नगर परिषद की चेरपर्सन सुरभि गर्ग ने कहा कि नगर परिषद में कार्यकारी अधिकारी के कार्यकारी अधिकारी की एडमिन आईडी से कुछ गड़बड़ी चल रही थी। इस बारे में दो शिकायतें उनके पास आई थी। उनके पास ये शिकायत 25 मई को आई थी। इस बारे में उन्होंने डीएमसी कैथल और निकाय मंत्री विपुल गोयल को इसकी शिकायत दी है कि मामले की जांच की जाए। उन्होंने कहा कि अगर किसी फर्म का डेवेलपमेंट चार्ज चार लाख तक है तो उसे गड़बड़ी करके 50 हजार तक दिखा दिया जाता है, बाकि कर्मचारी या अधिकारी खुद खा जाते हैं। उससे लेनदेन करके मामले को सेट कर लिया जाता है। उन्होंने अब ईओ की आईडी लेकर सचिव को दे दी है। जब जांच होगी तो इसमें शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर आया वीडियो नगर परिषद की भाजपा समर्थित चेयरपर्सन सुरभि गर्ग का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें उन्होंने टैक्स वसूली में गड़बड़ी होने की बात स्वीकार की है। उन्होंने बताया कि मामले की शिकायत विभाग के मंत्री तक पहुंचाई गई है। चेयरपर्सन के इस बयान के बाद उनके चार वर्षीय कार्यकाल में नगर परिषद की टैक्स वसूली व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर सवाल उठने लगे हैं। नगर परिषद चुनाव के दौरान भ्रष्टाचार खत्म करने और जीरो टॉलरेंस लागू करने का दावा किया गया था, लेकिन चार साल बाद भी टैक्स शाखा में सामने आई अनियमितताओं ने उन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मिली जानकारी के अनुसार करीब 91 प्रॉपर्टी आईडी में लोगों द्वारा जमा कराई गई राशि और पोर्टल पर दर्ज रकम में अंतर मिला है। बताया जा रहा है कि यह गड़बड़ी वर्ष 2023 से चली आ रही है। आरोप है कि इस प्रक्रिया से सरकारी राजस्व को लाखों रुपए का नुकसान पहुंचा। पूरे मामले की शिकायत करीब दो महीने पहले ही चेयरपर्सन के संज्ञान में पहुंच गई थी। इसके बावजूद संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ न तो एफआईआर दर्ज कराई गई और न ही तत्काल कोई सख्त कार्रवाई हुई। अब मामला सार्वजनिक होने के बाद जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होने की बात कही जा रही है। ईओ बोले- कार्रवाई करवाएंगे दूसरी ओर नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संदीप सोलंकी ने कहा कि विभाग में कार्यों का अधिक दबाव होने के कारण उन्होंने संबंधित शाखा का चार्ज स्वयं संभाला था। मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जो लोग उनके खिलाफ भ्रामक प्रचार कर रहे हैं, उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।