समाचार · उत्तराखंड
'मां काली' बनकर टूट पड़ी महिलाएं, अपहरण करने आए बदमाशों को झाड़ू मारकर खदेड़ा

राजधानी देहरादून में सहस्रधारा रोड स्थित कानन कुंज के पास कुछ बदमाश स्कूटी सवार महिला का अपहरण करने आए थे। वे महिला को जबरन अपनी कार में अंदर धकेलने का प्रयास कर रहे थे। कुछ दूरी पर सफाई कर रहीं तीन महिला कर्मियों ने साहस का परिचय दिखाते हुए न सिर्फ महिला की जान बचाई। झाड़ू मार-मारकर बदमाशों को खदेड़ दिया। महिला कर्मियों का रौद्र रूप देख बदमाश घबरा गए थे और महिला को वहीं छोड़ उन्हें भागना पड़ा। पुलिस ने अपहरण के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।घटना बुधवार सुबह लगभग 6:40 बजे की है। मेला राम कॉलोनी, कानन कुंज निवासी 45 वर्षीय सुषमा वर्मा अपनी 19 वर्षीय बेटी को कॉलेज जाने के लिए नालापानी चौक पर छोड़कर स्कूटी से घर लौट रही थीं। कानन कुंज वाली गली के पास पहुंचने पर पीछे से आई एक बिना नंबर प्लेट वाली काले रंग की कार से दो नकाबपोश लड़के उतरे। सुषमा को जबरन खींचकर कार में बैठाने का प्रयास करने लगे। महिला चिल्लाई तो वहां से गुजर रही नगर निगम की महिला सफाई कर्मचारी अनिता, सविता और माया की इन पर नजर पड़ी। तीनों ने झपट कर दोनों आरोपियों पर झाड़ू का डंडा चलाया, तब दोनों आरोपी कार लेकर फरार हो गए। एसओ रायपुर संजीत कुमार ने बताया कि महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी है।कहीं पति से रंजिश के चलते तो नहीं हुई घटना...सहस्रधारा रोड पर कानन कुंज के पास बुधवार सवेरे अपहरण का प्रयास कर रहे बदमाशों से सुषमा को बचाने में तीन महिला सफाई कर्मचारियों ने सुपरवुमन की भूमिका निभाई। इससे बदमाश फरार हो गए। वहीं, मामले में पुलिस अब पति से रंजिश को लेकर भी जांच कर रही है। सवाल उठ रहे हैं कि कहीं पति ने ही वारदात को अंजाम तो नहीं दिया।जानकारी के मुताबिक पीड़ित सुषमा का पिछले कुछ समय से पति राहुल वर्मा के साथ विवाद चल रहा है। महिला तीनों अज्ञात आरोपियों को नहीं पहचानती है, इसलिए पुलिस इस अपहरण के प्रयास को पारिवारिक रंजिश के एंगल से भी जोड़कर देख रही है। बुधवार को हुई घटना के दौरान घटनास्थल के पास तीन महिला सफाई कर्मी भी थीं। अपहरण जैसी स्थिति को भांपते ही तीनों महिला कर्मचारी अपनी परवाह किए बिना कार सवार बदमाशों पर टूट पड़ीं।महिला कर्मियों का रौद्र रूप देख घबराए बदमाशसफाई कर्मचारियों को रौद्र रूप में अपनी ओर आता देख बदमाश घबराकर महिला को छोड़ कार लेकर भाग गए। कुछ देर बाद जब वहां उनके सफाई सुपरवाइजर तेजपाल सिंह आए तो महिलाओं ने उन्हें इस पूरी घटना की जानकारी दी। सुपरवाइजर के माध्यम से ही यह मामला इलाके में फैला।डेयरी संचालक पीड़िता अब समूह से जुड़ीपुलिस के मुताबिक पीड़िता सुषमा वर्मा डेयरी संचालित कर रही थी। एक महीने पहले डेयरी बंद कर वह स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अपना घर चला रही हैं। महिला का पति राहुल वर्मा से हाल में परिवारिक विवाद चल रहा है। पुलिस का कहना है राहुल वर्मा उत्तरकाशी में रहते हैं।सीसीटीवी फुटेज में सहस्रधारा क्रॉसिंग से गई कारसीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध कार सहस्रधारा क्रॉसिंग से घटनास्थल तक आकर उसी कट से वापस जाती दिखी है। इसके बाद कार लाडपुर की तरफ गई। पुलिस कार के आने और लौटने का रूट खंगालकर आरोपियों का पता लगाने की कोशिश कर रही है। आरोपियों ने पुरानी कार पर नंबर प्लेट हटाया हुआ था।