समाचार · उत्तर प्रदेश
राम मंदिर चढ़ावे का ‘काला खेल’! बाथरूम में कैश से मोबाइल चैट और प्लॉट तक... 74 हजार पन्नों की चार्जशीट में सामने आई पूरी कहानी

Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की रकम में कथित हेराफेरी का मामला अब करीब 74 हजार पन्नों की चार्जशीट तक पहुंच गया है. पुलिस की जांच में ऐसी कई कड़ियां सामने आने का दावा किया गया है, जो गणना कक्ष से लेकर आरोपियों के मोबाइल फोन, बैंक खातों और संपत्तियों तक जाती हैं. पुलिस के मुताबिक, CCTV फुटेज में रकम हटाने और छिपाने की 105 घटनाएं मिलीं. जांच के दौरान करीब 79.85 लाख रुपये नकद के अलावा डॉलर और आभूषण बरामद किए जाने की बात भी चार्जशीट में कही गई है.
23 सितंबर को दाखिल हुई चार्जशीट
पुलिस ने 23 सितंबर 2026 को अयोध्या की विशेष एंटी करप्शन कोर्ट में आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की. इनमें अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला उर्फ शनि, करुणेश पाण्डेय, मनीष कुमार यादव, लवकुश मिश्रा, रमाशंकर मिश्रा, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं. पुलिस ने CCTV फुटेज, मोबाइल डेटा, CDR, बैंक खातों, संपत्तियों, वाहनों और गवाहों के बयानों को जांच का आधार बनाया है. पुलिस का कहना है कि कथित हेराफेरी बैंक में रकम जमा होने से पहले गणना कक्ष में हुई.
CCTV में रकम हटाने की 105 घटनाएं
चार्जशीट में CCTV फुटेज को अहम डिजिटल सबूत बताया गया है. पुलिस के अनुसार, फुटेज की जांच में चढ़ावे की रकम हटाने या छिपाने की 105 घटनाएं सामने आईं. इनमें अविनाश शुक्ला 85 बार रकम हटाते और चार बार अन्य आरोपियों की मदद करते दिखाई दिया. करुणेश पाण्डेय दो बार रकम हटाते और 68 बार मदद करते दिखे. मनीष कुमार यादव के लिए 16 बार रकम हटाने और 19 बार मदद करने का उल्लेख है. लवकुश मिश्रा एक बार रकम हटाते और 52 बार मदद करते दिखे. अनुकल्प मिश्रा पर 56 बार अन्य आरोपियों की मदद करने का आरोप है. रमाशंकर मिश्रा के एक बार रकम हटाने का भी जिक्र है.
बाथरूम से मिले 2.25 लाख रुपये
चार्जशीट में 4 जून 2026 की एक बरामदगी का भी उल्लेख है. पुलिस के मुताबिक, चेकिंग शुरू होने के बाद गणना कक्ष के बाथरूम से 2.25 लाख रुपये मिले. गवाह के बयान के अनुसार, बरामद रकम का वीडियो बनाकर ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय को भेजा गया था. चार्जशीट में चंपत राय के बयान को भी शामिल किया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव को मामले में आरोपी नहीं बनाया गया है, बल्कि उनके बयान गवाह के तौर पर दर्ज किए गए हैं.
मोबाइल चैट से कैश की आवाजाही की कड़ी
पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन और CDR की भी जांच की. चार्जशीट के मुताबिक, अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला और लवकुश मिश्रा के बीच कैश के बंडलों को रखने, छिपाने, बदलने और एक जगह से दूसरी जगह ले जाने से जुड़ी चैट मिली. पुलिस का दावा है कि CCTV फुटेज, मोबाइल डेटा, CDR, गवाहों के बयान और बरामदगी को एक साथ देखने पर आरोपियों के बीच कथित समन्वय और साजिश की तस्वीर सामने आती है. जांच में बैंक तक रकम पहुंचाने की प्रक्रिया के दौरान चोरी के सबूत नहीं मिलने की बात भी कही गई है.
79.85 लाख रुपये की बरामदगी, संपत्तियों की भी जांच
चार्जशीट के अनुसार, अनुकल्प मिश्रा से करीब 16.82 लाख, करुणेश पाण्डेय से 18.07 लाख, मनीष कुमार यादव से दो लाख और लवकुश मिश्रा से 14.25 लाख रुपये बरामद किए गए. रमाशंकर मिश्रा से करीब 7.32 लाख रुपये और चांदी की वस्तुएं मिलीं. अविनाश शुक्ला की निशानदेही पर करीब 20.39 लाख रुपये, 1121 अमेरिकी डॉलर, चांदी और सोने के आभूषण बरामद होने का उल्लेख है. रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू से एक लाख रुपये मिलने की बात कही गई है. पुलिस ने आरोपियों और उनके परिजनों के बैंक खातों, जमीन, मकान और वाहनों की भी जांच की. चार्जशीट में इन संपत्तियों और लेनदेन को कथित अपराध से अर्जित धन से जोड़ने का पुलिस का दावा है.
Also Read: यूपी के रसोइयों की बल्ले-बल्ले, अब मिलेगा ₹3000 मानदेय, अक्टूबर में मिलेगी बढ़ी रकम, जानें कब और कैसे होगा भुगतान