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देहरादून में नियो मेट्रो नहीं, इलेक्ट्रिक बस दौड़ेगी; इन सड़कों पर गुजरेगा कॉरिडोर

INT News23 September 2026 at 08:29 am

रविन्द्र थलवाल, देहरादूनराजधानी देहरादून में अब नियो मेट्रो नहीं, बल्कि 24 मीटर लंबी इलेक्ट्रिक बस दौड़ेगी। शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए ई-बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (ई-बीआरटीएस) की योजना बनाई जा रही है। एलिवेटेड फ्लाईओवर की तर्ज पर यह सिस्टम दून की मुख्य सड़कों के बीचों-बीच डिवाइडर वाले हिस्से में पिलर (स्तंभ) खड़े करके तैयार किया जाएगा।दून में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा को सुगम-सुरक्षित बनाने को कई साल से मंथन जारी है। पहले मेट्रो और फिर नियो मेट्रो के प्रस्ताव पर कसरत हुई। अब उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने ई-बीआरटीएस की योजना पर काम शुरू कर दिया है। यह परियोजना दून की मुख्य सड़कों के ऊपर बननी है, इसलिए इसमें पीडब्ल्यूडी का भी सहयोग लिया जा रहा है।क्या है ई-बीआरटीएस प्रणाली?ई-बीआरटीएस एक आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल शहरी परिवहन प्रणाली है, जो इलेक्ट्रिक बसों और बस रैपिड ट्रांजिट (बीआरटी) की विशेषताओं का मेल है। इसमें 24 मीटर लंबी इलेक्ट्रिक बसें आम यातायात से अलग आरक्षित (डेडिकेटेड) लेन में चलती हैं, जिससे यात्रियों को जाम से मुक्ति और तीव्र यात्रा की सुविधा मिलती है। पूरी तरह बिजली से संचालित होने के कारण यह जीरो-इमिशन तकनीक पर काम करती है, जिससे वायु और ध्वनि प्रदूषण नहीं होता। स्टेशनों पर मेट्रो की तर्ज पर ऑफ-बोर्ड टिकटिंग और मुख्य टर्मिनलों पर फास्ट चार्जिंग की सुविधा रहेगी।पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता राजेश शर्मा ने कहा कि ई-बीआरटीएस योजना पर उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन काम कर रहा है। यह सिस्टम सड़कों के ऊपर बनना है, इसलिए विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि निर्माण के दौरान और बाद में सड़कों का यातायात बाधित न हो। सड़कों की चौड़ाई बढ़ाने व भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव परियोजना में शामिल करने को भेजा है।इन रूटों पर आकार लेगा ई-बीआरटीएसयह सिस्टम प्रेमनगर से बल्लूपुर चौक, किशननगर चौक, घंटाघर, आराघर चौक, नेहरू कॉलोनी, अपर नत्थनपुर, ऑर्डिनेंस फैक्टरी व हाथीखाना चौक से होते हुए रायपुर तक बनेगा। इसी तरह दूसरा कॉरिडोर आईएसबीटी से लालपुल, सहारनपुर चौक, रेलवे स्टेशन, घंटाघर, गांधी पार्क और दिलाराम चौक होते हुए मसूरी डायवर्जन तक तैयार किया जाएगा।पीडब्ल्यूडी के अनुसार वर्तमान में सड़कों पर करीब आधा मीटर का डिवाइडर है, जबकि ई-बीआरटीएस के गोल पिलर करीब डेढ़ मीटर की जगह घेरेंगे। ऐसे में सड़कों का सामान्य ट्रैफिक बाधित न हो, इसके लिए विशेष प्लान तैयार किया है। इसके तहत कुछ स्थानों पर भूमि अधिग्रहण करने, सड़कों का चौड़ीकरण करने और फुटपाथ बनाने के लिए 570 करोड़ रुपये का प्रस्ताव परियोजना में शामिल करने के लिए भेजा गया है।