समाचार · मध्य प्रदेश
35 करोड़ की फोरलेन परियोजना में पुलिया निर्माण पर सवाल:10 एमएम सरिये के इस्तेमाल को लेकर विवाद; तकनीकी जांच की मांग
शाजापुर जिले के मक्सी में कनासिया नाके से जलालपुरा जोड़ तक बन रहे करीब ₹35 करोड़ की लागत वाले फोरलेन मार्ग की एक पुलिया के निर्माण पर सवाल उठे हैं। जैन तौल कांटे और सुदर्शन फैक्ट्री के सामने निर्माणाधीन पुलिया में इस्तेमाल किए जा रहे सरिये के आकार और गुणवत्ता को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों ने तकनीकी मानकों से समझौते की आशंका जताते हुए स्वतंत्र जांच की मांग की है। इंजीनियर का दावा- 18 एमएम सरिया होना चाहिए नाम नहीं छापने की शर्त पर एक इंजीनियर ने दावा किया कि पुलिया जैसे स्ट्रक्चर में 18 एमएम सरिया लगाया जाना चाहिए, जबकि मौके पर 10 एमएम सरिया उपयोग में लाया जा रहा है। उनका कहना है कि पुलिया का निर्माण स्वीकृत ड्राइंग और भारतीय सड़क कांग्रेस (IRC) के मानकों के अनुरूप होना चाहिए। निर्धारित मानकों से कम क्षमता का सरिया लगाने पर भविष्य में पुलिया की मजबूती प्रभावित हो सकती है। निर्माण कार्य से जुड़े इंजीनियर मुकेश पांडे ने इन आरोपों को खारिज किया। उन्होंने से कहा कि पुलिया में 10 एमएम का ही सरिया लगाया जा रहा है और यही स्वीकृत डिजाइन के अनुरूप है। 18 एमएम सरिये के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस पुलिया में उसकी आवश्यकता नहीं है। साथ ही स्वीकृत ड्राइंग उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया। स्थानीय लोगों ने मांगी तकनीकी जांच स्थानीय निवासी विकास ने कहा कि करोड़ों रुपए की परियोजना में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने निर्माणाधीन पुलिया की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने, स्वीकृत ड्राइंग और डिजाइन का सत्यापन करने तथा उपयोग की जा रही निर्माण सामग्री की सार्वजनिक जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि जांच में अनियमितता सामने आती है तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।