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Hazaribagh Floating Restaurant: हजारीबाग झील में बनेगा फ्लोटिंग रेस्टोरेंट, बढ़ेगी शहर की शान

INT News25 September 2026 at 06:09 pm

Hazaribagh Floating Restaurant: हजारीबाग की पहचान मानी जाने वाली ऐतिहासिक झील इन दिनों चर्चा के केंद्र में है. नगर निगम झील के सौंदर्यीकरण फेज-2 के तहत यहां फ्लोटिंग रेस्टोरेंट बना रहा है, जिसे अक्टूबर में दशहरा तक शुरू करने की तैयारी है. जिला प्रशासन इसे शहर के पर्यटन को नई पहचान देने वाली महत्वाकांक्षी योजना बता रहे हैं.

क्या है फ्लोटिंग रेस्टोरेंट?

फ्लोटिंग रेस्टोरेंट जमीन पर बना सामान्य होटल नहीं होगा. इसे झील के पानी पर तैरने वाले बड़े बजरे या प्लेटफॉर्म पर दो मंजिला ढांचे के रूप में तैयार किया जा रहा है. यह किनारे से एक छोटे पुल के जरिए जुड़ा रहेगा, ताकि लोग आसानी से अंदर पहुंच सकें. रेस्टोरेंट में एक साथ करीब 50 से 70 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी. इसमें फैमिली डाइनिंग, कैफेटेरिया और शाम के समय आकर्षक लाइटिंग के साथ लेक व्यू डिनर का अनुभव देने की योजना है. नगर निगम का कहना है कि इसे गोरखपुर के रामगढ़ताल और भोपाल की झील की तर्ज पर पीपीपी मॉडल के तहत संचालित किया जाएगा.

पर्यावरण प्रेमियों ने क्यों जताई चिंता?

परियोजना का सबसे बड़ा विरोध पर्यावरण संरक्षण को लेकर सामने आया है. पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि हजारीबाग झील सात कृत्रिम झीलों का ऐतिहासिक समूह है, जो ब्रिटिश काल से शहर के पारिस्थितिक संतुलन का अहम हिस्सा रहा है. उनका तर्क है कि यदि रेस्टोरेंट से तेल, खाद्य अपशिष्ट, बर्तन धोने का पानी या अन्य कचरा झील तक पहुंचा, तो पहले से प्रदूषण और गाद की समस्या झेल रही झील की स्थिति और खराब हो सकती है. उनका मानना है कि पहले झील को पूरी तरह साफ और गहरा बनाया जाना चाहिए, उसके बाद पर्यटन परियोजनाओं पर ध्यान देना चाहिए.

गुणवत्ता और खर्च पर कांग्रेस उठा रही सवाल

परियोजना को लेकर राजनीतिक विरोध भी तेज हो गया है. कांग्रेस प्रदेश महासचिव सुरजीत नागवाला ने प्रेस वार्ता कर आरोप लगाया कि 13.97 करोड़ रुपये की योजना में गुणवत्ता के साथ समझौता किया गया है. उन्होंने तकनीकी और वित्तीय ऑडिट की मांग उठाते हुए कहा कि पूरे निर्माण कार्य की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए. हालांकि, नगर निगम ने इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया है और कहा है कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार कराया जा रहा है.

छोटे कारोबारियों में भी बढ़ी चिंता

झील किनारे वर्षों से छोटे फूड स्टॉल चलाने वाले करीब 15 से 20 वेंडर्स भी इस परियोजना को लेकर चिंतित हैं. उनका कहना है कि बड़ा फ्लोटिंग रेस्टोरेंट शुरू होने के बाद नगर निगम उन्हें हटाने या कारोबार सीमित करने का फैसला ले सकता है. वेंडर्स का मानना है कि यदि पर्यटन बढ़ता है तो उसका लाभ छोटे दुकानदारों तक भी पहुंचना चाहिए, केवल बड़े व्यावसायिक मॉडल तक सीमित नहीं रहना चाहिए.

हजारीबाग की बनेगी नई पहचान

फ्लोटिंग रेस्टोरेंट से हजारीबाग पर्यटन मानचित्र पर मजबूत पहचान बना सकेगा. अधिकारियों के मुताबिक बरही और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले पर्यटक होटल अरण्य विहार के साथ झील का भी रुख करेंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को फायदा मिलेगा. प्रशासन का दावा है कि परियोजना से नगर निगम को हर महीने लाखों रुपये का किराया मिलेगा, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और शहर में शाम के समय पर्यटन गतिविधियां विकसित होंगी.

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पर्यावरणीय मानकों पर निर्माण

फ्लोटिंग रेस्टोरेंट पूरी तरह पर्यावरण मानकों के अनुरूप बनाया जा रहा है. उनके अनुसार इसमें बायो-टॉयलेट, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम और नियमित निगरानी की व्यवस्था होगी, ताकि कोई भी कचरा झील में न पहुंचे. जिला प्रशासन का भी कहना है कि परियोजना से झील को अतिक्रमण से बचाने और लोगों का जुड़ाव बढ़ाने में मदद मिलेगी.

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