समाचार · गुजरात
साहित्य और भाषा के प्रति युवा कवि एवं रचनाकार निभाएं नई पीढ़ी की जिम्मेदारी

अहमदाबाद. हिन्दी भाषा एवं साहित्य के प्रचार-प्रसार को समर्पित राष्ट्रीय काव्य संगम के तृतीय संस्करण का आयोजन हिन्दी पखवाड़े के उपलक्ष्य में गुजरात विद्यापीठ प्रांगण में किया गया। साहित्य विकास परिषद द्वारा चंद्रिका फाउण्डेशन तथा राजस्थान के उदयपुर स्थित मेवाड़ जनशक्ति दल के सहयोग से आयोजित इस समारोह में गुजरात के अहमदाबाद, गांधीनगर एवं भरूच के साथ-साथ राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के कवि-कवयित्रियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान अहमदाबाद के कवि नरेन्द्र सिंह राजपुरोहित आऊवा के काव्य संग्रह सूर्यवंशी मेवाड़ महाकाव्य (द्वितीय संस्करण) तथा लेखिका पूजा उपाध्याय द्वारा लिखित अंग्रेजी उपन्यास ब्यूटीफुल यू हेन्डशम मी का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार बसंत परिहार तथा डॉ. ऋषिपाल धीमान मौजूद रहे। दोनों ने युवा कवियों एवं रचनाकारों का मार्गदर्शन करते हुए साहित्य और भाषा के प्रति नई पीढ़ी की जिम्मेदारी पर अपने विचार व्यक्त किए। बापूनगर के विधायक दिनेश सिंह कुशवाह तथा उर्दू साहित्य अकादमी के सदस्य जैनूल आबेदिन अंसारी ने हिन्दी भाषा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिन्दी देश के विभिन्न भाषायी एवं सांस्कृतिक क्षेत्रों के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है। कार्यक्रम के संयोजक मन कुमार ने कहा कि हिन्दी आज भारत की सीमाओं से आगे बढ़कर विश्व के अनेक देशों में बोली और समझी जाती है। हिन्दी ने देश के विभिन्न हिस्सों के लोगों को आपसी संवाद के एक सशक्त सूत्र में जोड़ने का कार्य किया है। भाषा समाज को जोड़ने का माध्यम है और भाषा के नाम पर समय-समय पर विवाद उत्पन्न करने के प्रयास निंदनीय हैं। राष्ट्रीय काव्य संगम का प्रथम सत्र शायर एवं साहित्यकार झवेरचंद मेघाणी तथा द्वितीय सत्र हरिवंशराय बच्चन को समर्पित किया गया था। इस दौरान कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से हिन्दी साहित्य की विविधता, संवेदना और समृद्ध परंपरा को प्रस्तुत किया। चंद्रिका फाउण्डेशन की संस्थापिका चंद्रिका मकवाणा, करणी सेना के गुजरात अध्यक्ष नरपत सिंह राठौड, मेवाड़ जनशक्ति दल के सांस्कृतिक मंत्री तरूण भट्ट, गुजरात मौर्य समाज के पूर्व अध्यक्ष जगदीश मौर्य सहित अनेक साहित्यकार, कवि एवं साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे।