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टीकमगढ़ नपा उपचुनाव 29 सितंबर को:पूर्व विधायक बोले-मैं और मेरा परिवार चुनाव नहीं लड़ेगा; पूर्व अध्यक्ष की SC में अपील
टीकमगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए उपचुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। राज्य चुनाव आयोग ने 31 जुलाई को चुनाव घोषित किए हैं। इसके लिए 8 सितंबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी और 29 सितंबर को वोटिंग होगी। इस चुनाव में मतदाता सीधे नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव करेंगे। बता दें की यह उपचुनाव पूर्व नपा अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार को पद से हटाए जाने के बाद हो रहा है। पूर्व विधायक बोले- मैं और परिवार चुनाव नहीं लड़ेंगे पूर्व नपा अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक राकेश गिरी गोस्वामी ने कहा है कि वे नगर पालिका चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी पूर्व नपा अध्यक्ष लक्ष्मी गिरी और छोटे भाई महेश गिरी भी चुनाव नहीं लड़ेंगे। राकेश गिरी ने कहा कि उनकी ओर से पार्टी से टिकट की मांग भी नहीं की जाएगी। भाजपा जिस प्रत्याशी को टिकट देगी, वे उसका समर्थन करेंगे और पार्टी की जीत के लिए प्रयास करेंगे। उनके बयान के बाद भाजपा और कांग्रेस के संभावित प्रत्याशियों को लेकर शहर में चर्चा शुरू हो गई है। पूर्व अध्यक्ष ने पद से हटाए जाने के खिलाफ अपील की यह उपचुनाव पूर्व नपा अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार को पद से हटाए जाने के बाद हो रहा है।उन्हें 7 अप्रैल 2026 को वित्तीय गड़बड़ी के आरोप में हटाया गया था। टीकमगढ़ में नपा अध्यक्ष के चुनाव 2027 में होने है। ऐसे में नए अध्यक्ष का कार्यकाल करीब 10 से 11 महीने का ही रहेगा। अब्दुल गफ्फार ने पद से हटाए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है। उनका कहना है कि न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रखा है। उन्हें उम्मीद है कि न्यायालय चुनाव पर रोक लगाकर उन्हें राहत दे सकता है। चुनाव की घोषणा के साथ आचार संहिता लागू चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ टीकमगढ़ नगरीय क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। कलेक्टर विवेक श्रोतिय के मुताबिक आचार संहिता 3 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगी। आचार संहिता के दौरान रैली, जुलूस और सभा के लिए संबंधित अनुविभागीय मजिस्ट्रेट की लिखित अनुमति जरूरी होगी। सांप्रदायिक, जातिगत या किसी समुदाय को भड़काने वाली गतिविधियों पर रोक रहेगी। चुनाव के दौरान कोई व्यक्ति या समूह हथियार लेकर नहीं चल सकेगा। हथियारों का प्रदर्शन भी नहीं किया जा सकेगा। सोशल मीडिया पर गलत पोस्ट डालने, शेयर करने या लाइक करने पर भी कार्रवाई का प्रावधान बताया गया है। मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए किसी तरह का लालच देने पर भी रोक रहेगी। प्रशासन ने इन नियमों के उल्लंघन पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 और अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।