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जगन्नाथपुर रथ यात्रा मेला की निविदा पर शिकायत, रांची प्रशासन ने चार सदस्यीय जांच टीम बनायी

रांची. जगन्नाथपुर रथ यात्रा मेला की निविदा में अनियमितता की शिकायत के बाद रांची जिला प्रशासन ने जांच शुरू करने की तैयारी कर ली है. इस मामले में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी ने अपर समाहर्त्ता (नक्सल) रांची की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच दल का गठन किया है. जांच दल को मामले की जांच कर संयुक्त जांच प्रतिवेदन जल्द उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है.
जिला प्रशासन की ओर से 10 सितंबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार, सरकार के अवर सचिव, मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग तथा मुख्यमंत्री सचिवालय के उप सचिव की ओर से प्राप्त शिकायतों के आलोक में जांच प्रतिवेदन मांगा गया था. इसके बाद जिला स्तर पर जांच दल का गठन किया गया.
अपर समाहर्त्ता (नक्सल) की अध्यक्षता में जांच दल
जांच दल की अध्यक्षता अपर समाहर्त्ता (नक्सल) रांची सुदर्शन मुर्मू करेंगे. टीम में तीन अन्य अधिकारियों को शामिल किया गया है.
जांच दल में शामिल अधिकारी
सुदर्शन मुर्मू - अपर समाहर्त्ता (नक्सल), रांची, जांच दल के अध्यक्ष
मुकेश कुमार - भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, सदर, रांची
कमल किशोर सिंह - अंचल अधिकारी, नामकुम
संतोष कुमार - राज्य कर सहायक आयुक्त, दक्षिणी अंचल, रांची
जिला प्रशासन ने जांच दल को विषयगत मामले की जांच कर संयुक्त जांच प्रतिवेदन यथाशीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.
दो शिकायत आवेदनों के आधार पर जांच
दस्तावेज के अनुसार, जगन्नाथपुर रथ यात्रा मेला की निविदा में अनियमितता के संबंध में हर्ष कुमार अंकित, अधिवक्ता, झारखंड उच्च न्यायालय, रांची और अजय कुमार की ओर से शिकायत आवेदन प्राप्त हुए थे. इन शिकायतों के आलोक में ही जांच प्रतिवेदन की मांग की गयी थी.
हालांकि, आदेश में निविदा प्रक्रिया में किस तरह की कथित अनियमितता की शिकायत की गयी है, इसका विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है. इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी अनियमितता को प्रमाणित तथ्य के तौर पर कहना उचित नहीं होगा.
जगन्नाथपुर मंदिर न्यास समिति को भी दी गयी सूचना
जिला प्रशासन ने जांच दल के गठन की जानकारी जगन्नाथपुर मंदिर न्यास समिति, धुर्वा को भी दी है. इसके अलावा समिति के सचिव प्रसन्न कुमार और कोषाध्यक्ष विनोद कुमार को भी आदेश की प्रतिलिपि भेजी गयी है.
दोनों पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे जांच दल को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें.
जांच रिपोर्ट से स्पष्ट होगा मामला
जांच दल में राजस्व, अंचल प्रशासन और राज्य कर विभाग से जुड़े अधिकारियों को शामिल किया गया है. अब टीम शिकायत में लगाये गये आरोपों और निविदा प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की जांच करेगी. इसके बाद संयुक्त जांच रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी जायेगी.
जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि निविदा प्रक्रिया में वास्तव में कोई अनियमितता हुई थी या नहीं और यदि हुई, तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है.