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छपरा में सूर्य घर योजना की धीमी रफ्तार पर DM सख्त, बैंक-वेंडरों को समय पर काम पूरा करने का निर्देश

PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana Chhapra : डीएलडीसी की बैठक से पहले जिलाधिकारी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की समीक्षा की. समीक्षा के दौरान जिले में योजना के तहत निर्धारित लक्ष्य की तुलना में इंस्टॉलेशन की धीमी रफ्तार पर तेजी लाने का निर्देश दिया गया. जिले में 9,000 इंस्टॉलेशन का लक्ष्य निर्धारित है, जिसके मुकाबले अब तक करीब एक-तिहाई ही इंस्टॉलेशन हो सका है.
बैंकों के लोन आवेदन से लेकर रिजेक्शन तक की हुई समीक्षा
बैठक में सभी बैंकों के लोन सैंक्शन, डिस्बर्सल, रिजेक्शन, आवेदन और इन-प्रोसेस मामलों की समीक्षा की गयी. बिहार ग्रामीण बैंक की बेहतर उपलब्धि को देखते हुए आवश्यकता के अनुसार संबंधित मामलों को वहां स्थानांतरित करने की दिशा में कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया.
सभी बैंकों को कहा गया कि किसी आवेदन को रिजेक्ट करने की स्थिति में उसके कारणों को डेडिकेटेड व्हाट्सऐप पर अनिवार्य रूप से अपलोड करें. इससे प्रशासनिक स्तर से संबंधित समस्याओं का समाधान कराया जा सकेगा और लंबित आवेदनों के निष्पादन में तेजी आयेगी.
लापरवाह वेंडरों पर होगी कार्रवाई
योजना के तहत इंस्टॉलेशन में लापरवाही बरतने वाले वेंडरों की रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया. ऐसे वेंडरों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने तथा आवश्यकता पड़ने पर उन्हें काली सूची में डालने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया.
सभी संबंधित बैंकों और वेंडरों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा करने की हिदायत दी गयी. पटना और मुजफ्फरपुर में बेहतर काम कर रहे वेंडरों को सारण में सूचीबद्ध कर योजना की प्रगति बढ़ाने का निर्देश दिया गया. बेहतर प्रदर्शन करने वाले वेंडरों की एसबीआइ, पीएनबी और बिहार ग्रामीण बैंक के अधिकारियों के साथ बैठक कराने को भी कहा गया.
7200 बड़े बिजली उपभोक्ताओं को अभियान से जोड़ने का निर्देश
जिले में 500 यूनिट से अधिक बिजली खपत करने वाले करीब 7,200 उपभोक्ताओं को ध्यान में रखते हुए लक्षित अभियान चलाने का निर्देश दिया गया. प्रशासन का जोर ऐसे उपभोक्ताओं को योजना से जोड़कर इंस्टॉलेशन की रफ्तार बढ़ाने पर है.
सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के आवेदन बढ़ाने तथा क्षेत्र स्तर पर विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया.
उदासीन शाखा प्रबंधकों की सूची तैयार करने का निर्देश
सभी बैंक प्रबंधकों को उन शाखा प्रबंधकों की सूची तैयार करने को कहा गया, जो योजना के क्रियान्वयन में उदासीन हैं या अपेक्षित रुचि नहीं ले रहे हैं. ऐसे शाखा प्रबंधकों की बैठक कराकर योजना की प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.
उद्योग विभाग की योजनाओं में बैंकों से बेहतर समन्वय पर जोर
बैठक में पीएमएफएमई, पीएमईजीपी समेत उद्योग विभाग की विभिन्न योजनाओं की भी समीक्षा की गयी. जीएम, डीआइसी को जिले के अच्छे और संभावनाशील उद्यमियों को तीन श्रेणियों में चिह्नित करने का निर्देश दिया गया.
पहली श्रेणी में ऐसे उद्यमियों को रखने को कहा गया, जिन्हें क्रेडिट मिल चुका है और वे काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें आवश्यक सहयोग की जरूरत है. दूसरी श्रेणी में ऐसे लोगों को शामिल किया जायेगा, जिनके पास औपचारिक क्रेडिट नहीं है, लेकिन वे उद्यम शुरू करना चाहते हैं. तीसरी श्रेणी में प्रशिक्षित और अनुभवी उद्यमियों को रखा जायेगा, जिनके पास काम करने की क्षमता है, लेकिन पूंजी का अभाव है.
इन सभी श्रेणियों के उद्यमियों की बैंकों के साथ समन्वय बैठक कराने का निर्देश दिया गया. जिलाधिकारी ने कहा कि इससे उद्यमियों को आवश्यक वित्तीय सहायता मिलने के साथ बैंकों के प्राथमिकता क्षेत्र ऋण और साख-जमा अनुपात में भी सुधार होगा.
लंबित मामलों के निष्पादन की जिम्मेदारी तय करने का निर्देश
सभी योजनाओं में बैंक और आवेदक के बीच बेहतर समन्वय के लिए इंडस्ट्री एक्सटेंशन ऑफिसर को नामित कर उनकी जवाबदेही तय करने का निर्देश दिया गया. संबंधित अधिकारियों को आवेदकों और बैंकों के साथ नियमित समन्वय स्थापित कर लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया.
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना में किस्त भुगतान तेज करने का निर्देश
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत लाभुकों को मिलने वाली पहली, दूसरी और तीसरी किस्त की स्थिति की भी समीक्षा की गयी. लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने तथा पात्र लाभुकों को निर्धारित समय पर किस्त उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया.
बैठक में संबंधित बैंक अधिकारी, अग्रणी जिला प्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र, नाबार्ड, जीविका समेत विभिन्न विभागों और संस्थानों के पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे.
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