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तारापीठ होटल अग्निकांड: रिसेप्शन से फैली आग, कमरे से बाहर भी निकल नहीं पाये लोग, मृतकों की संख्या बढ़कर हुई सात

बीरभूम से मुकेश तिवारी की रिपोर्ट
बीरभूम जिले के रामपुरहाट के तारापीठ में मां तारा के कौशिकी अमावस्या पूजा के पहले बीरभूम के प्रसिद्ध तीर्थस्थल तारापीठ में सोमवार तड़के एक होटल में भीषण आग लगने से सात लोगों की मौत हो गई. घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.
अधिकतर लोग गहरी नींद में थे
जानकारी के अनुसार, सोमवार तड़के करीब तीन बजे तारापीठ थाना क्षेत्र में थाना से कुछ ही दूरी पर स्थित एक होटल में अचानक आग लग गई. देखते ही देखते आग होटल की ऊपरी मंजिल से फैलकर नीचे के हिस्से तक पहुंच गई. उस समय होटल में बड़ी संख्या में लोग ठहरे हुए थे और अधिकतर लोग गहरी नींद में थे.
मृतकों की संख्या बढ़कर सात
आग की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया. दमकल की टीमों को भी बुलाया गया. पुलिस ने अब तक छह शव बरामद कर रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजे हैं. इसके बाद मेडिकल सूत्रों ने एक और व्यक्ति की मौत की पुष्टि की, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर सात हो गई.
सभी कमरे थे बुक
घटना के समय श्रावण महीने का अंतिम सोमवार होने के कारण तारापीठ में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हुए थे. इसी वजह से होटल भी लगभग पूरी तरह भरा हुआ था. आग लगने से कई लोग अपने कमरों में ही फंस गए और नींद में ही उनकी मौत हो गई.
शॉर्ट सर्किट होने की आशंका
प्रारंभिक तौर पर आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई जा रही है. हालांकि, दमकल विभाग ने अभी आग लगने के वास्तविक कारण की पुष्टि नहीं की है. तारापीठ के फायर ओसी नीलाद्रि मजूमदार ने बताया कि होटल के रिसेप्शन क्षेत्र से आग फैलने की बात सामने आई है. आग किस कारण लगी, इसकी जांच की जा रही है.
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तारापीठ में शोक का माहौल
घटना के बाद पुलिस और दमकल विभाग की टीमें होटल की तलाशी ले रही हैं. प्रशासन की ओर से मृतकों की पहचान और हादसे के पूरे कारणों का पता लगाने की प्रक्रिया जारी है. काशीकी अमावस्या से पहले हुए इस दर्दनाक हादसे से तारापीठ में शोक का माहौल है.
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