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UP Farmers: यूपी के किसानों के लिए खास खबर! FPO से जुड़कर उपज की खरीद से ब्रांडिंग तक मिलेगा सामूहिक फायदा, जानें कैसे बढ़ेगी कमाई

UP Farmers: उत्तर प्रदेश में किसानों को सामूहिक रूप से मजबूत बनाने और उनकी उपज को बेहतर बाजार से जोड़ने में किसान उत्पादक संगठन यानी FPO अहम भूमिका निभा सकते हैं. FPO के जरिए किसान अकेले के बजाय एक समूह के रूप में कृषि से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ा सकते हैं. कृषि इनपुट की सामूहिक खरीद से लेकर उपज के एकत्रीकरण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग तक FPO किसानों को कृषि मूल्य श्रृंखला के अलग-अलग चरणों से जोड़ने का काम कर सकते हैं.
सामूहिक खेती नहीं, सामूहिक कारोबार पर जोर
FPO का फायदा सिर्फ खेती तक सीमित नहीं है. किसान संगठन के जरिए कृषि इनपुट की सामूहिक खरीद कर सकते हैं और अपनी उपज को एकत्रित कर आगे की गतिविधियों के लिए तैयार कर सकते हैं. इसके बाद प्रसंस्करण, पैकेजिंग और ब्रांडिंग के जरिए उत्पाद को बाजार तक पहुंचाने के अवसर बनते हैं. यानी किसान प्राथमिक उत्पादन से आगे बढ़कर अपनी कृषि उपज की वैल्यू एडिशन से जुड़ी गतिविधियों में भी भागीदारी कर सकते हैं.
बाजार से जुड़ने में मददगार
यूपी के किसानों के लिए उपज को सही बाजार तक पहुंचाना भी FPO का एक महत्वपूर्ण पहलू है. सामूहिक संगठन के जरिए किसानों की उपज को एकत्रित कर बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है. इसके अलावा FPO कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और मार्केटिंग से जुड़े अवसर भी तैयार कर सकते हैं. इससे किसानों और बाजार के बीच बेहतर कनेक्टिविटी विकसित करने का रास्ता खुलता है.
यूपी की नीतियों में FPO पर जोर
उत्तर प्रदेश में सरकार किसानों के सामूहिक संगठनों को मजबूत करने और कृषि मूल्य श्रृंखला में बेहतर कनेक्टिविटी विकसित करने के लिए FPO को बढ़ावा दे रही है. राज्य की नीतियों में FPO को फूड प्रोसेसिंग, कोल्ड स्टोरेज, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और वेयरहाउसिंग जैसी गतिविधियों से जोड़ने की व्यवस्था की गई है. इससे यूपी के किसानों के लिए केवल फसल उत्पादन तक सीमित रहने के बजाय अपनी उपज में वैल्यू एडिशन करने के अवसर बन सकते हैं.
कृषि निर्यात और फूड प्रोसेसिंग से कनेक्शन
कृषि निर्यात नीति में कृषि क्लस्टरों के भीतर FPO और Farmer Producer Companies के पंजीकरण को बढ़ावा देने का प्रावधान है. साथ ही FPO, किसानों और निर्यातकों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करने की व्यवस्था भी की गई है. राज्य की फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री पॉलिसी में भी FPO, किसान समूहों और अन्य पात्र संस्थाओं को खाद्य प्रसंस्करण और भंडारण से जुड़ी गतिविधियों के लिए सहायता का प्रावधान है. हालांकि, ऐसी सहायता संबंधित नीति के प्रावधानों और पात्रता शर्तों के अधीन होती है.
FPO बनाने में सरकार की मदद कैसे मिलती है?
राष्ट्रीय स्तर पर 10,000 किसान उत्पादक संगठनों के गठन और प्रोत्साहन की केंद्रीय क्षेत्र योजना FPO के गठन और उन्हें सहायता देने के लिए ढांचा उपलब्ध कराती है. इसके तहत क्लस्टर बेस्ड बिजनेस ऑर्गेनाइजेशन यानी CBBO, FPO के गठन, क्षमता निर्माण और बिजनेस प्लानिंग जैसी गतिविधियों में मार्गदर्शन और सहयोग करते हैं. उत्तर प्रदेश में भी कृषि विभाग और अन्य संस्थानों के माध्यम से FPO के गठन और प्रोत्साहन के लिए पहल की गई है. इसका उद्देश्य किसान समूहों को संगठित उत्पादक संगठनों के रूप में विकसित करना है, ताकि वे कृषि और उससे जुड़ी व्यावसायिक गतिविधियों को बेहतर तरीके से संचालित कर सकें.
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