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'सवाल पूछना ही लोकतंत्र की ताकत':इंदौर में जीतू पटवारी का केंद्र और शिक्षा नीति पर हमला, पीएचडी पर बयान से भी बटोरी सुर्खियां
कांग्रेस के "छात्रों की गूंज" अभियान के तहत इंदौर के रविंद्र नाट्यगृह में आयोजित संवाद कार्यक्रम में मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने लोकतंत्र, छात्र राजनीति और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह भी मौजूद रहे। दो नों नेताओं ने छात्रों के सवालों के जवाब दिए और युवाओं की नीति निर्माण में भागीदारी पर चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान जीतू पटवारी ने कहा कि लोकतंत्र केवल मतदान तक सीमित नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार, सरकार चुनने के बाद नागरिकों का अधिकार है कि वे उसके फैसलों पर सवाल करें। उन्होंने कहा कि मजबूत लोकतंत्र वही है, जहां सरकार जनता के सवालों का जवाब देने के लिए जवाबदेह हो। यदि सवालों का जवाब नहीं मिलता, तो असंतोष बढ़ता है और आंदोलन की स्थिति बनती है। इस दौरान पटवारी ने छात्र राजनीति और शोध उपाधियों को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उनकी व्यक्तिगत समझ के अनुसार कई नेता प्रभाव और दबदबे के बल पर नकल करके पीएचडी पूरी कर लेते हैं। उन्होंने दावा किया कि राजनीति से जुड़े लोगों में ऐसे मामलों का प्रतिशत काफी अधिक है। उनका यह बयान कार्यक्रम के दौरान चर्चा का विषय बना रहा। उच्च शिक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए पटवारी ने हाल ही में विश्वविद्यालय खोलने के नियमों में किए गए बदलावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि केवल दो कमरों में विश्वविद्यालय स्थापित करने की अनुमति दी जाती है, तो इससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। उनके अनुसार, विश्वविद्यालय केवल डिग्री देने वाली संस्था नहीं, बल्कि शोध, नवाचार और बेहतर शैक्षणिक वातावरण का केंद्र होना चाहिए। पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह ने भी लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि जब विपक्ष प्रभावी नहीं रहता, तब जनता सवाल पूछने के बजाय व्यक्तिपूजा की ओर बढ़ने लगती है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष दोनों की सक्रिय भूमिका जरूरी है, क्योंकि जवाबदेही से ही लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत होती है। कार्यक्रम का आयोजन फेडरेशन ऑफ वर्ल्ड यूथ एसोसिएशन और युवक कांग्रेस से जुड़ी शांभवी शुक्ला की ओर से किया गया। इसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत राहुल गांधी के संबोधन के वीडियो प्रदर्शन से हुई। संवाद के दौरान युवाओं की भागीदारी, शिक्षा व्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों जैसे विषयों पर खुलकर चर्चा हुई।