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एक फोटो...कई हाजिरी: जामताड़ा में NMMS में 376 डुप्लीकेट फोटो का खुलासा

संवाददाता, जामताड़ा : विकसित भारत-जी राम जी योजना के तहत मजदूरों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे राष्ट्रीय मोबाइल निगरानी सॉफ्टवेयर (एनएमएमएस) एप में गंभीर अनियमितता सामने आयी है. ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के डुप्लीकेट उपस्थिति धोखाधड़ी जांच डैशबोर्ड की समीक्षा में एक ही फोटो को अलग-अलग मस्टर रोल में अपलोड कर स्वीकृत किये जाने के मामले पकड़े गये हैं. मामले को जिला ग्रामीण विकास शाखा ने गंभीरता से लेते हुए सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को तत्काल जांच का निर्देश दिया है.
1401 फोटो की जांच, 848 अस्वीकृत
जिला ग्रामीण विकास शाखा की ओर से तीन सितंबर को जारी पत्र के अनुसार, जामताड़ा जिले में जांच के दौरान कुल 1401 फोटो चिह्नित किये गये. इनमें 378 फोटो स्वीकृत पाये गये, जबकि 177 मामलों में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. वहीं 848 फोटो अस्वीकृत किये गये हैं. सबसे गंभीर बात यह सामने आयी कि 376 डुप्लीकेट फोटो को अपलोड करने के बाद स्वीकृति भी दी गयी.
एक ही फोटो, अलग-अलग मस्टर रोल में अपलोड
जांच में सामने आया कि एनएमएमएस एप के माध्यम से मजदूरों की एक ही फोटो को अलग-अलग मस्टर रोल में अपलोड किया गया. कई मामलों में संबंधित मस्टर रोल को प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी के लॉगिन से स्वीकृति भी दी गयी. इससे उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गये हैं.
24 घंटे में जांच रिपोर्ट, दोषियों पर होगी कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी बीडीओ को डुप्लीकेट फोटो से जुड़े मामलों की तत्काल जांच कर दोषी कर्मियों को चिन्हित करने का निर्देश दिया गया है. साथ ही 24 घंटे के अंदर जांच प्रतिवेदन जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि दोषी कर्मियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सके.
लंबित मामलों की भी होगी जांच
इसके अलावा जिन मामलों में फोटो के सत्यापन को लेकर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, उनकी भी जांच करने का निर्देश दिया गया है. ऐसे मामलों में प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी के लॉगिन से नियमानुसार स्वीकृति या अस्वीकृति की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है.