Monday, 27 July 2026
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ग्रामीण उद्यानिकी विकास अधिकारी से ठगी:क्रेडिट कार्ड सर्विस डीएक्टिवेट कराने के नाम पर फाइल भेजी, ओपन करते ही ठगे ₹2.25 लाख

INT News26 July 2026 at 11:01 pm

शहर के महाराज बाड़ा क्षेत्र में खरीदारी कर रहे ग्रामीण उद्यानिकी विकास अधिकारी को क्रेडिट कार्ड की 'अनावश्यक सेवाएं' (अनवांटेड सर्विसेज) बंद कराने का झांसा देकर साइबर ठगों ने ₹2,25,190 की चपत लगा दी। विकास अधिकारी उस वक्त अपने छोटे भाई की शादी की शॉपिंग में व्यस्त थे, जिसका फायदा उठाकर ठगों ने व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजी। जैसे ही उन्होंने ने लिंक खोलकर क्लिक किया, ठगों ने उनके क्रेडिट कार्ड का एक्सेस हासिल कर सवा दो लाख रुपए ठग लिए। घटना 01 जुलाई 2026 महाराज बाड़ा ग्वालियर की है। विकास अधिकारी ने अपने बैंक पहुंचकर डिटेल निकाली फिर हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत की थी। जहां से रविवार को विश्वविद्यालय थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

छोटे भाई की शादी की शॉपिंग के दौरान आया ठग का कॉल विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के महलगांव स्थित कर्मचारी आवास कॉलोनी निवासी अजय कुमार द्विवेदी पुत्र सुरेंद्र कुमार द्विवेदी दमोह जिले के हटा में 'ग्रामीण उद्यानिकी विकास अधिकारी' के पद पर पदस्थ हैं। उनके छोटे भाई और अन्य परिजन ग्वालियर में रहते हैं। वे 15 जून को छुट्टी लेकर अपने भाई की शादी के सिलसिले में ग्वालियर आए हुए थे। 1 जुलाई को अजय द्विवेदी अपने परिवार के साथ महाराज बाड़ा पर शादी की खरीदारी कर रहे थे। उसी दौरान उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि 'आपके एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड ऐप पर कुछ ऐसी सेवाएं चालू हैं जो आपके काम की नहीं हैं। यदि इन्हें तुरंत डीएक्टिवेट नहीं किया गया, तो आपके कार्ड से हर महीने भारी चार्जेस कटते रहेंगे।'ठग की बातों में आकर अजय, अनावश्यक सेवाएं बंद कराने के लिए तैयार हो गए। शातिर ठग ने उनके व्हाट्सएप पर एक अनधिकृत लिंक भेजी। खरीदारी की आपाधापी में अजय द्विवेदी ने लिंक ओपन कर उसमें दिए गए ऑप्शन पर क्लिक कर दिया और फिर अपना मोबाइल जेब में रख लिया। शाम करीब 8 बजे जब उन्होंने शॉपिंग खत्म कर अपना मोबाइल देखा, तो उनके बैंक मैसेजेस देखकर होश उड़ गए। शातिर ठगों ने उनके एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड से 4 अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल ₹2,25,190 पार कर दिए थे। ई-एफआईआर दर्ज, पुलिस कर रही साइबर जांच ठगी का अहसास होते ही पीड़ित ने तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई। हेल्पलाइन की प्राथमिक जांच के बाद मामले में ई-एफआईआर दर्ज कर असल कायमी के लिए मामला विश्वविद्यालय थाने भेजा गया, जहां पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ धोखाधड़ी व आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है।