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बाघिन ने चरवाहे पर हमला किया, भैंसों ने जान बचाई:उमरिया में शावक के साथ घूम रही थी बाघिन; चरवाहे के हाथ में आई चोट
उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर क्षेत्र में बुधवार को एक अनोखी घटना सामने आई। यहां अपनी भैंसों को तलाश रहे 36 वर्षीय चरवाहे रामनरेश सिंह पर शावक के साथ मौजूद एक बाघिन ने हमला कर दिया। हालांकि, मौके पर पहुंची भैंसों के झुंड ने बाघिन को खदेड़ दिया, जिससे चरवाहे की जान बच गई। कोर क्षेत्र में भैंसों को ढूंढते समय हुआ सामना पनपथा बफर क्षेत्र से जुड़ी सीमा के पास चरवाहा रामनरेश सिंह अपनी मवेशी चरा रहा था। इस दौरान उसकी दो भैंसें कोर क्षेत्र के कक्ष क्रमांक आरएफ-443 की तरफ चली गईं। जब रामनरेश उन्हें ढूंढने जंगल के अंदर पहुंचा, तो उसका सामना शावक के साथ घूम रही बाघिन से हो गया और बाघिन ने उस पर झपट्टा मार दिया। भैंसों ने बाघिन को खदेड़ा, हाथ में आई चोट बाघिन के हमले में रामनरेश के हाथ में चोट आई। चरवाहे के चिल्लाते ही उसकी भैंसें तुरंत मौके पर पहुंचीं और एकजुट होकर बाघिन की तरफ दौड़ीं। भैंसों के आक्रामक रुख को देखकर बाघिन जंगल की तरफ भाग गई। घायल चरवाहे को इलाज के लिए मानपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल रामनरेश ने अस्पताल में बताया- पनपथा बफर क्षेत्र के जंगल में वह अपनी भैंसें चरा रहा था। कोर और बफर क्षेत्र का जंगल आपस में जुड़ा होने के कारण उसकी दो भैंसें कोर क्षेत्र के कक्ष क्रमांक आरएफ-443 के जंगल में चली गईं। रामनरेश भैंसों की तलाश में जंगल के अंदर पहुंचा। इसी दौरान शावक के साथ घूम रही बाघिन से उसका सामना हो गया। रामनरेश के अनुसार, बाघिन ने उस पर हमला कर दिया, जिससे उसके हाथ में चोट आई। इसी दौरान उसकी भैंसें मौके पर पहुंच गईं और बाघिन को खदेड़ दिया। भैंसों के पीछे दौड़ने के बाद बाघिन जंगल की ओर चली गई। वन विभाग ने क्षेत्र में बढ़ाई निगरानी पनपथा परिक्षेत्र अधिकारी रमेश पाटले ने बताया कि घायल का उपचार जारी है। क्षेत्र में शावक के साथ बाघिन की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग की टीम गश्त बढ़ा रही है। प्रशासन ने ग्रामीणों और चरवाहों को जंगल में अकेले न जाने और सावधानी बरतने की सलाह दी है।