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1 लाख 55 हजार महिलाए महतारी वंदन योजना से बाहर:सबसे ज्यादा नाम कटे रायपुर में, बीजापुर में हितग्राहियों के बढ़े नाम; सनी लियोनी को भी गया योजना का पैसा
छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना में अब तक 1 लाख 55 हजार से अधिक महिलाओं के नाम सूची से बाहर हो चुके हैं। पात्रता की दोबारा जांच, मृत्यु, अन्य राज्यों में स्थानांतरण, आयु संबंधी बदलाव और दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान बड़ी संख्या में हितग्राहियों के नाम हटाए गए हैं। सबसे ज्यादा नाम रायपुर जिले में 12,043 महिलाओं के कटे हैं। वहीं, बीजापुर ऐसा जिला रहा जहां नए पात्र हितग्राहियों के जुड़ने से लाभार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सनी लियोनी का आवेदन सामने आने के बाद शुरु हुआ था सत्यापन योजना 2024 में उस समय भी चर्चा में आई थी, जब सनी लियोनी के नाम से फर्जी तरीके से राशि जारी होने का मामला सामने आया था। जांच में सामने आया कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए आवेदन कर योजना का लाभ लिया गया था। मामला उजागर होने के बाद सरकार ने सत्यापन अभियान तेज किया और कई अपात्र नाम सूची से हटाए गए। जशपुर में 6,473 नाम कटे प्रदेशभर में किए गए सत्यापन के दौरान सबसे अधिक नाम राजधानी रायपुर में हटे। इसके बाद बिलासपुर में 8,886, रायगढ़ में 8,870, महासमुंद में 8,605, दुर्ग में 8,124 और जांजगीर-चांपा में 7,570 महिलाओं के नाम सूची से बाहर किए गए। जशपुर में 6,473, कोरबा में 6,234, बलौदा बाजार में 6,773, बालोद में 5,532, राजनांदगांव में 5,358 और बलरामपुर में 5,244 नाम हटाए गए। इसके अलावा धमतरी में 5,088, सरगुजा में 5,084, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 5,033, बस्तर में 4,974, कबीरधाम में 4,940, सूरजपुर में 4,719, मुंगेली में 4,456, सक्ती में 4,371, कांकेर में 4,340, गरियाबंद में 4,074, कोंडागांव में 3,384, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 2,442, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 2,276, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 2,263, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1,795, दंतेवाड़ा में 1,374, कोरिया में 1,144, नारायणपुर में 445 और सुकमा में 373 महिलाओं के नाम हटाए गए हैं। हितग्राहियों के सत्यापन में अपात्रों के कटे नाम सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य केवल पात्र महिलाओं तक आर्थिक सहायता पहुंचाना है। इसलिए समय-समय पर हितग्राहियों का सत्यापन किया जा रहा है। जिन महिलाओं की मृत्यु हो चुकी है, जिन्होंने गलत जानकारी देकर आवेदन किया, जो पात्रता की शर्तें पूरी नहीं करतीं या जिनके दस्तावेजों में गड़बड़ी मिली, उनके नाम सूची से हटाए गए हैं। बीजापुर में नए आवेदकों की संख्या बढ़ी वहीं, बीजापुर में नए पात्र आवेदनों के सत्यापन के बाद लाभार्थियों की संख्या बढ़ी है। अधिकारियों के अनुसार जिन महिलाओं के नाम गलती से हटे हैं या पात्र होने के बावजूद सूची में शामिल नहीं हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत दोबारा आवेदन या दावा प्रस्तुत कर सकती हैं। सरकार का दावा है कि लगातार हो रहे सत्यापन से योजना में पारदर्शिता बढ़ेगी और वास्तविक जरूरतमंद महिलाओं को ही इसका लाभ मिलेगा। जिलावार नाम कटने वाले हितग्राहियों की संख्या