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बिहार में 3177 संदिग्ध म्यूल खाते चिह्नित, 762 का सत्यापन, सात साइबर अपराधी गिरफ्तार

INT News25 September 2026 at 07:26 pm

Cyber Prahar 4.0 : साइबर अपराधियों के बैंकिंग नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए बिहार पुलिस का साइबर प्रहार-4.0 अभियान लगातार जारी है. साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई के नेतृत्व में चलाये जा रहे अभियान में अब तक 3177 संदिग्ध म्यूल खाते चिह्नित किये गये हैं. इनमें से 762 खातों का सत्यापन पूरा कर लिया गया है. सत्यापन में साइबर अपराधियों और उनके नेटवर्क से जुड़े तथ्य सामने आने के बाद पुलिस कार्रवाई में जुटी है.

सात साइबर अपराधी गिरफ्तार

अभियान के तहत म्यूल खातों का इस्तेमाल कर साइबर अपराध करने के आरोप में सात साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है. वहीं, सात अन्य संदिग्ध साइबर अपराधियों के खिलाफ दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 35(3) के तहत नोटिस जारी किया गया है. म्यूल खातों से जुड़े मामलों में अब तक 15 प्राथमिकी दर्ज की गयी हैं.

बैंक खातों के लेन-देन से नेटवर्क की तलाश

दर्ज प्राथमिकी के आधार पर साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई और जिला साइबर थानों की टीमें बैंक खातों में हुए लेन-देन, खाताधारकों, खातों का इस्तेमाल करने वालों और उनसे जुड़े अन्य संदिग्धों की कड़ियों की जांच कर रही हैं.

पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि साइबर ठगी की रकम किसने भेजी, किसके निर्देश पर रकम निकाली गयी या दूसरे खाते में भेजी गयी और इसके बाद रकम किन-किन खातों तक पहुंची.

अलग-अलग खातों में रकम घुमाने वालों की पहचान

म्यूल खातों के जरिये साइबर ठगी की रकम को अलग-अलग बैंक खातों में घुमाने वाले नेटवर्क की पहचान की जा रही है. इसके लिए तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग लेन-देन का विश्लेषण किया जा रहा है. जिला साइबर थानों के साथ समन्वय कर संदिग्ध खातों के सत्यापन और उनके खिलाफ कार्रवाई को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है.

क्या होता है म्यूल खाता

म्यूल खाता ऐसे बैंक खाते को कहा जाता है, जिसका इस्तेमाल साइबर अपराध से हासिल रकम को प्राप्त करने, निकालने या दूसरे खातों में भेजने के लिए किया जाता है. कई मामलों में खाताधारक कमीशन या किसी लालच के बदले अपना बैंक खाता दूसरे लोगों को उपलब्ध करा देते हैं. इसके बाद इन खातों के जरिये साइबर ठगी की रकम को कई स्तरों पर दूसरे खातों में ट्रांसफर किया जाता है.

पूरे साइबर नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास

साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई का अभियान केवल संदिग्ध बैंक खातों की पहचान तक सीमित नहीं है. पुलिस इन खातों के पीछे सक्रिय अपराधियों, रकम के लेन-देन और उनसे जुड़े अन्य लोगों की कड़ियों को जोड़कर पूरे साइबर अपराध नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास कर रही है. संदिग्ध खातों की निगरानी और सत्यापन के माध्यम से अवैध धन के हस्तांतरण को रोकने के साथ साइबर अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है.