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पहाड़ी राज्यों पर पकड़ आएगी काम; भाजपा ने राम माधव को उत्तराखंड की कमान क्यों सौंपी

विमल पुर्वाल, देहरादूनराम माधव के रूप में उत्तराखंड भाजपा को आठवां प्रदेश प्रभारी मिल गया है। भाजपा हाईकमान ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम माधव को उत्तराखंड का नया प्रभारी नियुक्त कर दिया है। वहीं, राष्ट्रीय सचिव अरविंद मेनन और लोकसभा सांसद बांसुरी स्वराज को सह प्रभारी बनाया गया है। राम माधव इससे पहले असम, जम्मू कश्मीर के साथ ही पूर्वोत्तर के कई राज्यों में पार्टी को चुनावी जीत दिला चुके हैं। उन्हें पर्वतीय राज्यों की राजनीति की गहरी समझ है और इसीलिए उन्हें चुनाव से ऐन पहले यह जिम्मेदारी दी गई है।राम माधव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पुराने प्रचारक हैं और उनकी छवि एक वैचारिक नेता, वक्ता और थिंकटैंक की रही है। वह 2014 से 2020 तक भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव रह चुके हैं और इस दौरान उन्हें असम व पूर्वोत्तर राज्यों में पार्टी के संगठन को खड़ा करने की जिम्मेदारी दी गई थी। उन राज्यों में मिली चुनावी जीत में भी माधव की भूमिका अहम मानी जाती है।जम्मू-कश्मीर, असम में भाजपा को जीत दिला चुके माधवजम्मू कश्मीर में भी राम माधव ने पार्टी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान बताते हैं कि राम माधव पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और असम, जम्मू कश्मीर के साथ ही पूर्वोत्तर के राज्यों में संगठन के विस्तार में उनकी अहम भूमिका है। विदित है कि उत्तराखंड में अगले साल विधानसभा के चुनाव होने हैं। ऐसे में पार्टी ने राम माधव को चुनावी रणनीति के तहत प्रदेश की कमान सौंपी है।चुनावी हैट्रिक के लिए मिली मजबूत टीमभाजपा हाई कमान ने अगले साल के शुरू में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए राज्य के चुनावी प्रबंधन के लिए मजबूत टीम मैदान में उतारी है। पार्टी ने राज्य में होने वाले विधानसभा चुनावों में हैट्रिक का लक्ष्य रखा है और इसके लिए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम माधव के नेतृत्व में मजबूत टीम उतारी गई है। इस टीम में राष्ट्रीय सचिव अरविंद मेनन के साथ ही तेजतर्रार युवा सांसद बांसुरी स्वराज को भी शामिल किया गया है। इस टीम पर अब राज्य में चुनावी रणनीति को धरातल पर उतारने का जिम्मा होगा।अब चुनाव प्रभारी की बारीभाजपा हाई कमान ने राज्य में प्रदेश प्रभारी की नियुक्ति कर दी है और अब जल्द ही राज्य में चुनाव प्रभारी का भी ऐलान हो सकता है। विदित है कि भाजपा चुनावों के लिए हर प्रदेश में चुनाव प्रभारी का ऐलान करती है। राज्य में अब तीन महीने के बाद विधानसभा के चुनाव होने हैं।माधव के मार्गदर्शन में पार्टी को मिलेगी मजबूती :धामीमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राम माधव को राज्य में पार्टी का प्रदेश प्रभारी बनाने पर बधाई दी। इसके साथ ही उन्होंने दोनों सह प्रभारियों की नियुक्ति पर भी शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि राम माधव, अरविंद मेनन और बांसुरी स्वराज के पास लंबा अनुभव है और उनके मार्गदर्शन से राज्य संगठन को बूथ स्तर पर मजबूती मिलेगी। उन्होंने राम माधव को प्रदेश प्रभारी बनाए जाने पर राष्ट्रीय नेतृत्व का आभार भी जताया। उन्होंने कहा कि राम माधव का संगठन के क्षेत्र में लंबा अनुभव, विचारशीलता और रणनीतिक कौशल रहा है। उनके मार्गदर्शन में उत्तराखंड में संगठन को एक नई ऊर्जा, दिशा और मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि उनके अनुभव से पार्टी का संगठन बूथ स्तर तक मजबूत होगा। इधर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने राम माधव की नियुक्ति के लिए केंद्रीय नेतृत्व का आभार जताया। इसके साथ ही उन्होंने गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी को मीडिया कम्युनिकेशन विभाग के कोऑर्डिनेटर बनाने पर भी बधाई दी।बैठक कल, राज्यसभा के लिए प्रत्याशी होंगे तयनए प्रदेश प्रभारी राम माधव की अध्यक्षता में भाजपा प्रदेश कोर कमेटी की बैठक 25 सितंबर को दून में होगी। इसमें राज्यसभा प्रत्याशियों का पैनल तैयार होगा। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बताया कि बैठक में विधानसभा चुनावों की तैयारियों और संगठन के अन्य कार्यक्रमों की समीक्षा भी की जाएगी।बंसल, गोयल और तीरथ सहित कई नामों पर विचारनवंबर में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल का कार्यकाल खत्म हो रहा है। ऐसे में पार्टी उन्हें दूसरा कार्यकाल देने के साथ ही कई संभावनाओं पर विचार कर रही है। सूत्रों ने बताया कि जिन नामों पर विचार चल रहा है उनमें अनिल गोयल, तीरथ सिंह रावत, रमेश पोखरियाल निशंक, मदन कौशिक, केदार जोशी और बलराज पासी भी हैं। राज्य से कई नाम भेजे जाएंगे, लेकिन अंतिम चयन केंद्रीय पार्लियामेंट्री बोर्ड करेगा।प्रभारी की तैनाती से पार्टी को राहतभाजपा को नया प्रदेश प्रभारी मिलने से चुनाव की दृष्टि से पार्टी को बड़ी राहत मिल गई है। पिछले प्रभारी को लेकर कई बार पार्टी को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। विपक्ष बार बार अंकिता भंडारी प्रकरण से उनका नाम जोड़ रहा था, जिससे कई बार भाजपा को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। लेकिन अब नए प्रदेश प्रभारी की नियुक्ति से पार्टी ने राहत की सांस ली है। पार्टी के रणनीतिकारों का कहना है कि चुनाव से पहले नए प्रभारी की नियुक्ति से विपक्ष के हाथ से एक और मुद्दा निकल गया है।बांसुरी के परिवार का राज्य से पुराना नाताराज्य की सह प्रभारी बनाई गई बांसुरी स्वराज के परिवार का उत्तराखंड से पुराना नाता है। उनकी मां और भाजपा की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद रह चुकी हैं। बांसुरी स्वराज लोकसभा सांसद होने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता भी हैं और वे राज्य से जुड़े कई अहम मुद्दों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में राज्य की पैरवी भी कर चुकी हैं।