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‘मौसा जी’ कहकर पैर छुए, भरोसा जीता… पहली बार अंगूठी लौटाई, दूसरी बार लेकर फरार, बिजनौर में पुलिस ने ऐसे दबोचे शातिर

INT News25 September 2026 at 05:16 pm

UP Crime: बिजनौर में 70 वर्षीय बुजुर्ग सुभाष कुमार वर्मा से ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है. वह बाजार में सामान खरीदने गए थे, तभी दो युवकों ने उन्हें रोक लिया. आरोपियों ने उन्हें ‘मौसा जी’ कहकर संबोधित किया और एक युवक ने उनके पैर भी छुए. बुजुर्ग ने इसे अपनापन समझकर उसे आशीर्वाद दिया. इसी दौरान दोनों ने बातचीत के जरिए उनका भरोसा जीत लिया.

अंगूठी के डिजाइन की तारीफ कर रची चाल

बातचीत के बीच एक युवक ने फोन पर किसी को सोने की अंगूठी देने की बात करने का नाटक किया. इसके बाद उसकी नजर बुजुर्ग की अंगूठी पर पड़ी. उसने अंगूठी के डिजाइन की तारीफ करते हुए कहा कि उसे भी ऐसी ही अंगूठी बनवानी है. आरोपी ने बुजुर्ग से अंगूठी दिखाने के लिए कहा. सुभाष कुमार ने अंगूठी उतारकर उसे दे दी, लेकिन युवक ने पहली बार उसे वापस कर दिया. इससे बुजुर्ग को किसी तरह का संदेह नहीं हुआ.

दूसरी बार अंगूठी मांगी और फरार

कुछ देर बाद दोनों युवकों ने फिर उसी डिजाइन की अंगूठी की बात शुरू कर दी. इस बार बुजुर्ग ने दोबारा अपनी अंगूठी उतारकर उन्हें दे दी. आरोप है कि अंगूठी हाथ में आते ही दोनों युवक वहां से फरार हो गए. जाते समय एक आरोपी ने बुजुर्ग से कहा कि उसकी पत्नी उनके घर पर है और वह घर चले जाएं, वे वहीं पहुंच जाएंगे. बुजुर्ग जब घर पहुंचे तो वहां कोई महिला नहीं थी. इसके बाद उन्हें समझ आया कि उनके साथ ठगी हो चुकी है.

शिकायत के बाद दो आरोपी गिरफ्तार

ठगी का पता चलने के बाद सुभाष कुमार वर्मा ने 13 सितंबर को सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विनोद कुमार शर्मा और कालीचरण के रूप में हुई है. विनोद उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर थाना क्षेत्र के गोजानी का रहने वाला है, जबकि कालीचरण बरेली के नवाबगंज थाना क्षेत्र के डोहरिया का निवासी बताया गया है.

अंगूठी और बाइक भी बरामद

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक पीली धातु की अंगूठी बरामद की है. इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल बताई जा रही काले रंग की बिना नंबर की बाइक भी बरामद की गई है. पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है.

रिश्तेदारी का भरोसा बना ठगी का हथियार

इस मामले में ठगी का तरीका भी बेहद अलग रहा. आरोपियों ने न कोई फर्जी बैंक कॉल किया, न OTP या लिंक का इस्तेमाल किया. उन्होंने पहले ‘मौसा जी’ कहकर रिश्तेदारी का भरोसा बनाया, फिर पैर छूकर विश्वास जीता और अंगूठी के डिजाइन की तारीफ की. पहली बार अंगूठी वापस करके बुजुर्ग का भरोसा और मजबूत किया गया, लेकिन दूसरी बार अंगूठी मिलते ही दोनों फरार हो गए. पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है.

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