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दिव्यांग बच्ची को ताऊ ने गर्भवती किया; दरिंदगी के बाद पीड़िता को पड़ने लगे दौरे

पिथौरागढ़ के एक गांव में 16 साल की एक दिव्यांग किशोरी के साथ दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। दुष्कर्म का आरोपी रिश्ते में पीड़िता का ताऊ लगता है। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार किशोरी की तबीयत बिगड़ने पर गुरुवार को परिजन इलाज के लिए उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकीय जांच में किशोरी करीब तीन माह की गर्भवती निकली। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने नियमानुसार इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी। एसआई बबीता टम्टा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जिला अस्पताल पहुंचकर किशोरी से घटना की जानकारी ली।लोकलाज के डर से घरवाले चुप रहेपुलिस की शुरुआत जांच में सामने आया है कि किशोरी के साथ उसके ताऊ ने दुष्कर्म किया। लोकलाज के डर से परिजन अब तक चुपचाप रहे। अब पुलिस ही आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की तैयारी कर रही है। कोतवाल ललित मोहन जोशी ने बताया कि पीड़िता की स्थिति अभी ठीक नहीं है। अस्पताल में उसका इलाज किया जा रहा है। स्थिति सामान्य होने के बाद पीड़िता से पूछताछ की जाएगी। कोतवाल जोशी ने कहा कि मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।ठीक से बोल नहीं सकती पीड़िता, पड़ते हैं दौरेपिथौरागढ़। दुष्कर्म की शिकार पीड़िता किशोरी अन्य की तरह सामान्य नहीं है। वह ठीक से बात भी नहीं कर पाती। उसे दौरे भी पड़ते हैं।पांच साल की बच्ची से दुष्कर्म में 20 साल कैदअल्मोड़ा। पांच साल की मासूस से दुष्कर्म के आरोपी को विशेष सत्र न्यायाधीश पॉक्सो श्रीकांत पाण्डेय की अदालत ने दोषी ठहराया। अदालत ने दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई और दस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। साथ ही पीड़िता को चार लाख रुपये प्रतिकर देने की भी संस्तुति की।विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो घनश्याम जोशी ने बताया कि घटना सितंबर 2024 की है। रानीखेत निवासी देव सिंह पांच वर्षीय मासूम बच्ची को टॉफी-चॉकलेट देने के बहाने अपने कमरे पर ले गया आरोप है कि उसने वहां पर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। घटना के समय जब मासूम की मां और ताई मौके पर पहुंची तब मामले का खुलासा हुआ।शिकायत के बाद राजस्व पुलिस ने केस दर्ज किया। सुनवाई के दौरान वैज्ञानिक साक्ष्य, बच्ची के मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज बयान और जन्म प्रमाण पत्र आदि दस्तावेज न्यायालय में पेश किए। न्यायाधीश पाण्डेय ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अभियुक्त को दोषी करार दिया और उनको सजा सुनाई गई।