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Watch Video: 52 साल बाद भी सड़क का इंतजार, घाघरा में आंदोलनकारियों ने रोका बॉक्साइट लदे ट्रक

घाघरा (गुमला). घाघरा प्रखंड में सड़क निर्माण की मांग को लेकर प्रशासन और हिंडालको कंपनी के विरुद्ध चल रहा जन-आंदोलन शुक्रवार को 13वें दिन भी जारी रहा. आंदोलनकारियों ने बॉक्साइट ढुलाई करने वाले ट्रकों का परिचालन पूरी तरह रोक दिया. इससे सड़क पर बॉक्साइट लदे ट्रकों की लंबी कतार लग गयी.
पुलिस ने आंदोलनकारियों से की बातचीत
आंदोलनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक ट्रकों को आगे नहीं बढ़ने दिया जायेगा. ट्रकों के रोके जाने की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी मोहन कुमार सिंह पुलिस बल के साथ आंदोलन स्थल पर पहुंचे और आंदोलनकारियों को समझाने का प्रयास किया. हालांकि, आंदोलनकारियों ने आंदोलन समाप्त करने से इनकार कर दिया. इस दौरान हिंडालको प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी भी की गयी.
52 साल में भी नहीं बनी सड़क
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सूरज कुमार नायक ने आरोप लगाया कि डीएमएफटी फंड का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि खनन प्रभावित क्षेत्र के लोगों का इस फंड पर पहला अधिकार है, लेकिन 52 साल बाद भी प्रभावित लोगों को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिला.
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गांव बुनियादी सुविधाओं की कमी
उन्होंने कहा कि फंड से शहरों में जिमखाना और स्ट्रीट लाइट जैसे कार्य किये जा रहे हैं, जबकि खनन प्रभावित गांव बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं. आंदोलनकारी धनेश्वर महतो ने कहा कि जहां जरूरत नहीं है, वहां विकास कार्य हो रहे हैं, जबकि धूल से प्रभावित गांवों में सड़क निर्माण नहीं कराया जा रहा है. आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण का काम शुरू होने तक आंदोलन जारी रहेगा.
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