Sunday, 2 August 2026
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बांग्लादेशी घुसपैठिये कल्याणकारी योजनाओं के हकदार नहीं, हम उन्हें खाना नहीं खिलायेंगे : शुभेंदु अधिकारी

INT News1 August 2026 at 10:02 pm

पश्चिम बंगाल में शनिवार को भारत की 16वीं जनगणना के लिए स्व-गणना प्रक्रिया शुरू हुई. इस दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि यह सर्वेक्षण असली लाभार्थियों के लिए एक स्थायी रिकॉर्ड तैयार करेगा. उन्होंने अवैध प्रवासियों और शरणार्थियों के बीच स्पष्ट अंतर भी बताया. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना की प्रक्रिया और अवैध आप्रवासन अलग-अलग मुद्दे हैं.

अवैध प्रवासी कल्याणकारी योजनाओं के हकदार नहीं : सीएम

मतदाता सूची में शामिल नहीं किये गये लोगों और एसआईआर न्यायाधिकरण का सामना कर रहे लोगों की स्थिति को लेकर उठ रहे सवालों के बीच, अधिकारी ने कहा कि बांग्लादेश से आये अवैध प्रवासी कल्याणकारी लाभ पाने के हकदार नहीं हैं. उन्हें वापस उनके देश भेज दिया जायेगा, क्योंकि हम उन्हें खाना नहीं खिला पायेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि संशोधित नागरिकता अधिनियम (सीएए) के दायरे में आने वाले लोग घुसपैठिये नहीं, शरणार्थी हैं.

जनगणना के पहले चरण में स्व-गणना की हुई शुरुआत

आधिकारिक जनगणना वेबसाइट पर अपनी जानकारी भरकर दशक में एक बार होने वाले इस सर्वेक्षण के स्व-गणना चरण की शुरुआत करने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि जनगणना के आंकड़ों का इस्तेमाल पात्र लाभार्थियों तक सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए स्थायी रिकॉर्ड तैयार करने में किया जायेगा. फरवरी में जानकारी मिलने के बाद, लोगों को सामाजिक सहायता के लिए बार-बार दस्तावेज जमा नहीं करने होंगे. उन्हें हर सामाजिक योजना, जाति प्रमाण-पत्र या लाभ के लिए लाइन में नहीं लगना पड़ेगा.

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15 अगस्त तक खुला रहेगा जनगणना पोर्टल

इस जनसंख्या सर्वेक्षण के पहले चरण के तहत पोर्टल एक अगस्त से 15 अगस्त तक खुला रहेगा. इस दौरान लोग आधिकारिक वेबसाइट पर अपना विवरण अपलोड कर सकते हैं. इसके बाद 16 अगस्त से 14 सितंबर तक मकानों की सूची बनाने का कार्य किया जायेगा.

27 लाख में सिर्फ 7 लाख लोग पहुंचे ट्रिब्यूनल

शुभेंदु ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया और मतदाताओं की एएसडीडी (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लिकेट) सूची को लेकर जतायी जा रही चिंताओं पर कहा कि सूची में शामिल कई लोगों ने इसे चुनौती नहीं दी है. उन्होंने कहा कि एसआईआर न्यायाधिकरण के समक्ष जाने का अवसर प्राप्त करने वाले 27 लाख लोगों में से केवल 7 लाख ने आवेदन किया है.

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घुसपैठिये नहीं रहेंगे बंगाल में

मुख्यमंत्री ने कहा कि बांग्लादेश से बंगाल आये लोगों में 2 तरह के लोग हैं. एक श्रेणी घुसपैठियों की है. वे बंगाल में नहीं रहेंगे. उनकी पहचान की जायेगी, पुष्टि की जायेगी और उन्हें वापस भेज दिया जायेगा. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि दूसरे देशों से आये हिंदू, सिख, ईसाई और जैन घुसपैठिये नहीं, सीएए के तहत शरणार्थी हैं. जो लोग अपनी जान बचाने या धार्मिक उत्पीड़न से बचने के लिए 31 दिसंबर, 2024 तक बांग्लादेश से बंगाल आये हैं, उन पर कोई मुकदमा नहीं चलाया जायेगा. पुलिस उन्हें परेशान नहीं कर पायेगी.

कोट अगर कोई देश का नागरिक नहीं है, तो उसे किसी भी सामाजिक योजना का फायदा नहीं मिलेगा. केंद्र और राज्य सरकारें भारतीय नागरिकों के लिए जिम्मेदार हैं. एक बार नागरिकों की सही सूची तैयार हो जाने पर, सरकार के लिए काम करना आसान हो जायेगा. -शुभेंदु अधिकारी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल

जनगणना में लगाये गये 14399 कर्मचारी

पश्चिम बंगाल में जनगणना के काम के लिए लगभग 3,400 पर्यवेक्षक और कुल 14,399 कर्मचारियों को लगाया गया है. जनगणना में जनसंख्या की गिनती बाद में की जायेगी. यह 28 फरवरी, 2027 तक चलेगा. मुख्यमंत्री ने इस जनगणना को ‘शत प्रतिशत डिजिटल’ जनगणना बताते हुए पश्चिम बंगाल के लोगों से इस सर्वेक्षण में भाग लेने और अधिकारियों का सहयोग करने का आग्रह किया.

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