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बरेली में अफसरों के नाम पर फर्जीवाड़ा, कार्रवाई का डर दिखाकर करते थे वसूली, तमंचे और फर्जी दस्तावेजों के साथ दो गिरफ्तार

UP Crime News: बरेली में सरकारी अधिकारियों के नाम और पद का इस्तेमाल कर फर्जी आदेश तैयार करने और लोगों से रुपये वसूलने वाले गिरोह का भमोरा पुलिस ने खुलासा किया है. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनके पास से अधिकारियों के नाम पर तैयार किए गए फर्जी आदेश, लेटरहेड और दस्तावेजों के अलावा दो तमंचे व कारतूस बरामद हुए हैं. पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है.
ईंट भट्ठे पर घेराबंदी कर दो आरोपी पकड़े
एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा के अनुसार, पुलिस को गिरोह के सक्रिय होने की सूचना मिली थी. इसके बाद मंगलवार रात भमोरा पुलिस ने ब्राह्मपुर गांव के पास बंद पड़े ईंट भट्ठे पर घेराबंदी की. यहां से बारादरी निवासी राजवीर राठौर और किला क्षेत्र निवासी निकेत भारद्वाज को गिरफ्तार किया गया.
कचहरी में टाइपिंग का काम करता था निकेत
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि राजवीर अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार कराता था. वहीं, निकेत कचहरी में कंप्यूटर टाइपिंग का काम करता था. पुलिस के मुताबिक, फर्जी आदेश तैयार करने में उसकी भूमिका सामने आई है. गिरोह सरकारी अधिकारियों के नाम और लेटरहेड का इस्तेमाल कर उन लोगों को निशाना बनाता था, जिनके खिलाफ पुलिस या दूसरे विभागों में कार्रवाई चल रही होती थी.
कार्रवाई का डर दिखाकर वसूलते थे रुपये
पुलिस के अनुसार, गिरोह फर्जी आदेश और दस्तावेजों को असली बताकर लोगों को कार्रवाई का डर दिखाता था. इसके बाद मामले में राहत दिलाने या कार्रवाई प्रभावित कराने के नाम पर उनसे रकम वसूली जाती थी. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है.
फर्जी आधार कार्ड और अधिकारियों के लेटरहेड बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से दो फर्जी आधार कार्ड, अधिकारियों के नाम से तैयार किए गए फर्जी आदेशों की प्रतियां और कुछ अन्य अधिकारियों से जुड़े लेटरहेड बरामद हुए हैं. इसके अलावा पुलिस ने दो तमंचे और दो कारतूस भी बरामद किए हैं. बरामद दस्तावेजों के आधार पर पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि किन-किन अधिकारियों के नाम का इस्तेमाल किया गया.
राजवीर पर पहले से आठ मुकदमे दर्ज
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, राजवीर राठौर के खिलाफ बरेली और संभल में पहले से आठ मुकदमे दर्ज हैं. इनमें हत्या, धोखाधड़ी और रंगदारी के मामले शामिल बताए गए हैं. इसके अलावा उसके खिलाफ एनडीपीएस, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है. पुलिस अब उसके साथ जुड़े अन्य लोगों और फर्जीवाड़े के पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है.
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