Sister Bazaar Mussoorie : लेंढौर मसूरी का ही हिस्सा है, जिसे अंग्रेजों ने 1820 के आसपास विकसित किया. यह केंटोनमेंट एरिया हुआ करता था. जब ब्रिटिश सैनिक घायल हो जाया करते थे तब उन्हें यहीं इलाज के लिए लाया जाता था. लोकल 18 से देहरादून के डीएवी पीजी कॉलेज की इतिहास विभाग की प्रोफेसर अंजू बाली बताती हैं कि यहां रहने वाली सिस्टर न सिर्फ उन सैनिकों की देखभाल करतीं बल्कि चीड़ के पेड़ों के एसेंशियल ऑयल से बाम और साबुन बनाकर बाजार में बेचा करती थीं. आज भी सिस्टर बाजार से सनराइज और सनसेट के नजरें देखते ही बनते हैं.
जानिए कैसे पड़ा मसूरी के ‘सिस्टर बाजार’ का नाम? 19वीं सदी की नर्सें यहां आज भी ‘जीवित’
