सिटी बस के पास के दाम बढ़ने से स्टूडेंट्स से लेकर बुजुर्गों तक में नाराजगी हैं। जो पास उन्हें पहले कम कीमत में मिलता था अब उसकी कीमत तीन गुना हो गई है। ऐसे में स्टूडेंट्स का सवाल है कि हम रोज कॉलेज आना-जाना कैसे करेंगे। खासकर वे स्टूडेंट्स जो शहर के बाहर के हैं और इंदौर में रहकर पढ़ाई करते हुए इन बसों से सफर करते हैं। देखा जाए तो महापौर पास योजना बंद होने से ये बदलाव देखने को मिल रहा है। पास की कीमत में बढ़ोतरी होने से इन बसों में सफर करने वाले स्टूडेंट्स में नाराजगी है। इसे लेकर गुरुवार को उन्होंने नगर निगम मुख्यालय पर प्रदर्शन किया और पास की कीमत के दाम कम करने की मांग की। पास की कीमतों को लेकर दैनिक भास्कर ने स्टूडेंट्स से चर्चा की। सिवनी की रहने वाली सलोनी ने बताया कि वह तेजाजी नगर इलाके में रहती है और होलकर साइंस कॉलेज में पढ़ाई कर रही है। वह रोजाना सिटी बस से आना जाना करती हैं। उन्होंने बताया कि पास की कीमतें बढ़ गई है। इंदौर के लोकल लोग तो इन बसों का इस्तेमाल कम करते हैं, लेकिन बाहर से आने वाले स्टूडेंट्स इनमें ज्यादा आना-जाना करते हैं। पहले पास की कीमत 200 रुपए थी जो ठीक थी, लेकिन अब उसे सीधा तीन गुना यानी 600 रुपए कर दिया गया है। अब हमें सोचना पड़ रहा है कि बस पास को रिचार्ज करने के लिए। पहले 600 रुपए में तीन महीने का काम हो जाता था, लेकिन अब 600 रुपए में एक महीने का काम होगा। कीमत बढ़ने के कारण बजट पर असर तो होगा ही होस्टल में रहती हूं, दिक्कत तो आएगी। स्टूडेंट वीणा ने बताया कि वह सिवनी जिले की रहने वाली है और इंदौर में रहकर पढ़ाई कर रही है। वह बड़ा गणपति के आगे से भंवरकुआं इलाके तक इन्हीं बस से आना-जाना करती है। एक समय के लिए तो पास को बंद कर दिया गया था, उस वक्त ना तो पास रिचार्ज हो रहा था ना ही रिन्यू हो रहे थे, फिर शुरू किया तो तीन गुना दाम बढ़ा दिए। पास की बढ़ी हुई कीमत को कम करना चाहिए। बस का भी काफी इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि उनकी कुछ क्लासमेंट्स ने पास रिचार्ज ही नहीं करवाए हैं। तीन गुना बढ़े दाम, कम होना चाहिए कीमत पालदा इलाके में रहने वाले लक्ष्य ने बताया कि वह इंग्लिश की कोचिंग के लिए भंवरकुआं सिटी बस से आना-जाना करते हैं। तीन गुना दाम हो गए हैं, बस यहीं उम्मीद है कि पास के दाम कम हो जाए। कीमत बढ़ने से आने-जाने में भी मुश्किल हो रही है। वह पालदा से तीन इमली, नवलखा होते हुए भंवरकुआं आते हैं। कीमत कम नहीं हुई तो दूसरा ऑपशन देखना पड़ेगा। हार्ड वेयर का छोटा व्यापार करने वाले चंदू शिंदे ने बताया कि उन्हें व्यापार से सिलसिले में पूरे शहर में घूमना पड़ता है। इसलिए वे सिटी बस से सफर करते हैं, लेकिन कीमत बढ़ने के कारण उन्हें भी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। हालांकि उनका आना-जाना कम है, लेकिन उनका कहना है कि कीमत कम होना चाहिए। योजना हुई बंद, यात्रियों पर पड़ा असर AICTSL के सीईओ अर्थ जैन ने बताया कि जो महापौर पास योजना थी वह बंद हो गई है, क्योंकि कंपनी नगर निगम से परिवहन विभाग में चली गई है। योजना बंद हो गई है, तो जो स्टेंडर्ड प्राइजिंग थी 800-800 रुपए पर ले आए और उसको सबसराइज करने के लिए जनरल पास 1200 रुपए कर दिया और स्पेशल पास 600 रुपए कर दिया है। अब 50% सब्सिडी AICTSL अपनी तरफ से देगा। पहले महापौर पास योजना थी, इस वजह से 800 रुपए वाला पास स्टूडेंट्स को 200 रुपए में मिलता था। योजना बंद होने से पास की कीमत 800 रुपए हो गई, लेकिन इस पास को 600 रुपए का कर दिया, ताकि स्टूडेंट्स पर 800 रुपए का लोड ना आए। परिवहन विभाग में चली गई कंपनी, 50% सब्सिडी AICTSL दे रही AICTSL वह नगर निगम के अंडर कंपनी थी, अभी पूरे प्रदेश की जो बस कंपनियां है वह नगरीय विकास विभाग से परिवहन विभाग में जा रही है। ऐसे में वे निगम से अलग हो गई है, संभवत: इसी वजह से निगम ने निर्णय लिया होगा कि वे महापौर पास योजना का अंशदान नहीं देंगे। स्ट्रक्चरल ट्रांसफॉरमेशन हो रहा है कंपनी का परिवहन में जा रही थी, इसलिए ये चीजें होना ही थी। हमारी कोशिश यह रहेगी बसों की संख्या और रूट बढ़ाए ताकि असुविधा ना हो। देखा जाए तो सिटी बस के लिए जो दो कैटेगरी के पास है इसमें स्पेशल पास 600 रुपए और जनरल पास 1200 रुपए का होगा गया है। स्पेशल पास में स्टूडेंट्स, सीनियर सिटीजन, दिव्यांग आदि शामिल हैं। प्रदर्शन किया, दाम करने की मांग की गुरुवार को स्टूडेंट्स ने नगर निगम मुख्यालय पर प्रदर्शन किया और पास की बढ़ी हुए कीमत को कम करने की मांग की। इसे लेकर उन्होंने ज्ञापन भी दिया। स्टूडेंट्स का कहना था कि कीमत बढ़ने से इसका असर उनके बजट पर पड़ेगा क्योंकि जो पास पहले 200 रुपए का आता था वह सीधा 600 रुपए का हो गया है, यानी तीन महीने के पैसे एक महीने में लग रहे हैं। प्रदर्शन करने वालों का कहना था कि जो छात्र अपने सपनों को पूरा करने के लिए यहां आए हैं, वे एक टाइम भूखा रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। प्रशासन ने एक बार भी नहीं सोचा कि सिटी बस के पास का दाम बढ़ाने से इन छात्रों का क्या होगा। जयस छात्र संगठन के जिला अध्यक्ष पवन अहिरवार ने पास की कीमत कम करने की मांग की है, मांग पूरी नहीं होने पर घेराव करने की बात कही है।
योजना बंद होने का असर, बस पास की कीमत बढ़ी:स्टूडेंट्स बोले- रोज कॉलेज आना-जाना कैसे करेंगे, बढ़ी कीमतों का असर बजट पर
