यमुनानगर जिले के ताजेवाला क्षेत्र में पश्चिमी यमुना नहर से बुधवार को बरामद हुए अज्ञात युवक के शव की पहचान हो गई है। मृतक की पहचान 25 वर्षीय सिराजुबदिन उर्फ सिराज पुत्र शमसुद्दीन निवासी बरमाजरा कॉलोनी, मोहाली के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार सिराज बचपन से ही मानसिक रूप से कमजोर था और 72 प्रतिशत दिव्यांग था। वह 22 मई को अचानक घर से लापता हो गया था। बेटे के नहर में शव मिलने की सूचना मिलने पर वीरवार को पिता शमसुद्दीन व अन्य परिजन यमुनानगर के सिविल अस्पताल पहुंचे। पिता ने बताया कि वह मोहाली की सब्जी मंडी में आढ़ती का काम करते हैं। उनके परिवार में तीन बेटे और दो बेटियां हैं, जिनमें सिराज सबसे बड़ा था। पहले भी कई बार हो चुका था लापता उन्होंने बताया कि सिराज पहले भी कई बार बिना किसी को बताए घर से निकल जाता था। कई बार उसे हिमाचल प्रदेश समेत अन्य जगहों से वापस लाना पड़ा था। सिराज के बार-बार घर से चले जाने की आदत के चलते परिजनों ने उसकी बाजू पर अपना मोबाइल नंबर स्थायी रूप से लिखवा दिया था, ताकि उसके कहीं भटक जाने पर लोग उनसे संपर्क कर सकें। शमसुद्दीन ने बताया कि 22 मई की सुबह सिराज अचानक घर से लापता हो गया था। परिवार ने अपने स्तर पर उसकी काफी तलाश की, लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिला। दो दिन तक इंतजार करने के बाद परिजनों ने मोहाली पुलिस थाने में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। बाजू पर लिखे पिता के नंबर से हुई पहचान बुधवार शाम को शमसुद्दीन के पास यमुनानगर पुलिस का फोन आया। पुलिस ने बताया कि पश्चिमी यमुना नहर से एक युवक का शव बरामद हुआ है, जिसकी बाजू पर उनका मोबाइल नंबर लिखा हुआ है। यह सूचना मिलते ही परिजनों को आशंका हो गई कि शव उनके बेटे सिराज का ही हो सकता है। सूचना के बाद परिवार वीरवार को यमुनानगर पहुंचा और सिविल अस्पताल में शव की शिनाख्त की। पिता शमसुद्दीन ने बताया कि उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि उनका बेटा घर से निकलकर इतनी दूर यमुनानगर तक पहुंच जाएगा और आखिरकार इस हालत में मिलेगा। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
यमुनानगर नहर में मिले युवक के शव की हुई शिनाख्त:मोहाली से 6 दिनों से था लापता; बाजू पर लिखा मिला पिता का नंबर
