बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में CBI ने मंगलवार को वाराणसी से एक और आरोपी को गिरफ्तार किया। पकड़ा गया आरोपी विनय राय उर्फ पमपम (40) गाजीपुर के देवरिया गांव का रहने वाला है। CBI ने उसे CGM कोर्ट में पेश किया, जहां से 2 दिन की रिमांड मिली। इसके बाद टीम उसे लेकर पश्चिम बंगाल रवाना हो गई। विनय पर हत्या, हत्या की कोशिश और गैंगस्टर एक्ट समेत कई गंभीर केस दर्ज हैं। वह 2012 में दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर अवैध हथियारों के साथ पकड़ा गया था और तिहाड़ जेल भी जा चुका है। सोमवार को भी CBI ने मुजफ्फरनगर से राजकुमार सिंह को गिरफ्तार किया था। बलिया के रहने वाले राजकुमार को हत्याकांड का मुख्य शूटर माना जा रहा है। इससे पहले 10 मई को बलिया के ही रहने वाले राज सिंह को अयोध्या से पकड़ा गया था। इस तरह से यूपी से अब तक 3 आरोपियों को पकड़ा जा चुका है। बंगाल चुनाव के नतीजे आने के 2 दिन बाद 6 मई को 42 साल के चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने उनकी कार रुकवाकर कई राउंड फायरिंग की थी। चंद्रनाथ रथ को सीने और पेट में 3 गोलियां लगी थीं। मामला गंभीर होने की वजह से मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। 15 मिनट में दो भाइयों को मारी गई थी गोली विनय राय का नाम 2017 में नन्हकू यादव हत्याकांड में भी सामने आया था। 19 सितंबर 2017 की शाम बदमाशों ने रौजा स्थित पंजाब नेशनल बैंक के पास नन्हकू यादव को गोली मार दी थी। इसके 15 मिनट बाद उनके बड़े भाई अरविंद यादव को भी गोली मारी गई। अरविंद पर हमला कर भाग रहे दो बदमाशों अनुभव राय और शंकर राय को पुलिस ने पकड़ लिया था। गांववालों ने अनुभव राय की पीट-पीटकर हत्या कर दी, जबकि शंकर को अधमरा छोड़ दिया था। जांच में पुरानी रंजिश की बात सामने आई थी। इस मामले में पुलिस ने संतोष उर्फ बबलू राय, विनय उर्फ पमपम, मकू उर्फ अनुज और अनुभव राय के खिलाफ केस दर्ज किया था। बाद में विनय राय ने कोर्ट में सरेंडर किया और फिर जमानत पर बाहर आ गया। 18 मई को सीबीआई ने राजकुमार को पकड़ा था सीबीआई ने सोमवार को मुजफ्फरनगर से राजकुमार सिंह को गिरफ्तार किया था। राजकुमार सिंह बलिया का रहने वाला है। उसने बीए फर्स्ट ईयर तक पढ़ाई की, लेकिन मन नहीं लगने पर पढ़ाई छोड़ दी। इसके बाद वह मुंबई में क्रेन हेल्पर का काम करने लगा, हालांकि 8 महीने पहले नौकरी छोड़कर घर लौट आया था। हाल ही में उसने पासपोर्ट बनवाया था और काम के सिलसिले में विदेश जाने की तैयारी कर रहा था। करीब 3 साल पहले रत्तोपुर गांव में हरिजन समाज के लोगों से हुए विवाद में उसका नाम सामने आया था, जिसके बाद वह जेल भी जा चुका है। राजकुमार के पिता त्रिभुवन नारायण सिंह अयोध्या में LT कंपनी में काम करते थे। मार्च में रिटायर होने के बाद से वह घर पर हैं। परिवार में दो बेटे और एक बेटी है। बेटी सबसे बड़ी है, जबकि छोटा बेटा कक्षा-5 में पढ़ता है। 10 मई को पहला आरोपी राज सिंह पकड़ा गया था PA चंद्रनाथ रथ की हत्या में 10 मई को बलिया के रहने वाले राज सिंह को अयोध्या से पकड़ा गया था। इसके बाद उसे कोर्ट से 13 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया था। गिरफ्तारी के बाद राज सिंह का एक पोस्टर सामने आया था। इसमें उसने खुद को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा का प्रदेश महासचिव बताया है। उसके फेसबुक अकाउंट में मंत्री दयाशंकर सिंह के साथ की तस्वीर है। पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह के साथ उसकी रील भी है। पड़ोसियों के मुताबिक, राज नेता बनना चाहता था। वह ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था। हत्या में 8 लोगों के शामिल होने का शक जांच एजेंसियों का मानना है कि हत्या की साजिश और वारदात में कम से कम 8 लोग शामिल थे। इन लोगों ने PA चंद्रनाथ रथ को मारने से पहले कई दिनों तक रेकी की थी। हमलावरों की कार हत्या से पहले बाली टोल प्लाजा से गुजरी थी। यहां कार में मौजूद एक व्यक्ति ने UPI के जरिए टोल पेमेंट किया था। इसी डिजिटल ट्रांजैक्शन से जुड़े मोबाइल नंबर के जरिए पुलिस ने एक आरोपी की पहचान की। फिर बाकी आरोपियों तक पहुंच गई। वहीं, बंगाल पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद चंद्रनाथ रथ की हत्या में सुपारी किलर्स के शामिल होने की आशंका जताई थी। पुलिस ने कहा था कि रथ की हत्या प्लानिंग के तहत की गई। इसमें प्रोफेशनल शूटर शामिल हो सकते हैं। पुलिस ने घटनास्थल से एक कार जब्त की थी, जिससे रथ की स्कॉर्पियो का पीछा किया गया था। कार की नंबर प्लेट फर्जी निकली थी। कार का चेसिस और इंजन नंबर मिटाया गया था। इसके अलावा हमले में 2 बाइक शामिल थीं। इनमें से एक बाइक भी घटनास्थल से करीब 4 किमी दूर चाय की दुकान के पास मिली थी। उस पर भी फर्जी रजिस्ट्रेशन था। शुभेंदु TMC में थे, तब से चंद्रनाथ उनके साथ थे चंद्रनाथ पहले एयरफोर्स में अफसर थे। VRS लेने के बाद कुछ समय कॉर्पोरेट सेक्टर में काम किया। इसके बाद राजनीति में आ गए। शुभेंदु जब तृणमूल कांग्रेस में थे, तब से चंद्रनाथ उनके लिए काम कर रहे थे। उन्हें शुभेंदु अधिकारी के बेहद करीबी लोगों में गिना जाता था। चंद्रनाथ 2019 में शुभेंदु की ऑफिशियल टीम का हिस्सा बने, तब शुभेंदु ममता बनर्जी सरकार में मंत्री थे। चंद्रनाथ ने भवानीपुर में शुभेंदु के चुनाव अभियान की जिम्मेदारी संभाली थी। भवानीपुर वही सीट है जहां से शुभेंदु ने ममता बनर्जी को विधानसभा चुनाव में करीब 15 हजार वोटों से हराया है। चंद्रनाथ की मां भी शुभेंदु के साथ भाजपा में गई थीं शुभेंदु की तरह चंद्रनाथ का परिवार भी पहले TMC से जुड़ा था। उनकी मां हाशी रथ ने TMC शासन के दौरान पूर्व मेदिनीपुर में स्थानीय पंचायत निकाय में पद संभाला था, लेकिन 2020 में शुभेंदु अधिकारी के साथ भाजपा में शामिल हो गईं। चंद्रनाथ शांत स्वभाव और लो-प्रोफाइल थे। उन्होंने रहारा रामकृष्ण मिशन से अपनी पढ़ाई पूरी की थी। कई सालों तक शुभेंदु के करीबी होने के बावजूद वह सुर्खियों से दूर ही रहते थे। चंद्रकात की शुभेंदु के साथ कोई फोटो नहीं है। पूरी वारदात को 90 मिनट की टाइमलाइन से समझिए… चंद्रनाथ करीब 9 बजे कोलकाता से निकले : चंद्रनाथ कोलकाता से मध्यमग्राम में अपने किराए के घर पर जाने के लिए स्कॉर्पियो से लौट रहे थे। ड्राइवर गाड़ी चला रहा था। चंद्रनाथ बगल में बैठे थे। रात 10 बजे CCTV में स्कॉर्पियो दिखी : कोलकाता से करीब 20 किलोमीटर दूर मध्यमग्राम में रात 9:58 बजे एक CCTV कैमरे में चंद्रनाथ की स्कॉर्पियो सड़क से गुजरती दिखी। स्कॉर्पियो के गुजरने के कुछ देर बाद इलाके से एक कार और दो बाइक पर सवार तीन लोग पीछे जाते दिखे। 10:30 बजे कार ने स्कॉर्पियो का रास्ता रोका : मध्यमग्राम के दोहरिया जंक्शन के पास कार स्कॉर्पियो से आगे निकल गई और सामने जाकर गाड़ी रोक दी। स्कॉर्पियो ड्राइवर को गाड़ी रोकनी पड़ी। बाइक पर सवार हमलावर ने फायरिंग शुरू की: जब तक चंद्रनाथ और उनका ड्राइवर कुछ समझ पाते, बाइक सवार हमलावर बाईं तरफ आए और 6 से 10 राउंड फायरिंग की। कार छोड़कर भागे बदमाश: वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश कार को वहीं छोड़कर मोटरसाइकिलों पर सवार होकर दो अलग-अलग रास्तों से फरार हो गए। कार की नंबर प्लेट फर्जी : पुलिस ने घटनास्थल से कार जब्त की, लेकिन नंबर की जांच की गई तो वह फर्जी निकला। कार के चेसिस नंबर के साथ भी छेड़छाड़ की गई थी। हत्या में ग्लॉक 47X पिस्टल का इस्तेमाल: हमलावरों ने ग्लॉक 47X पिस्टल का इस्तेमाल किया था। इस तरह के मॉडर्न हथियार का इस्तेमाल कोई आम अपराधी नहीं करते। जिस तरह से हमला हुआ, उसे कोई प्रोफेशनल शूटर ही अंजाम दे सकता है। ————————- यह खबर भी पढ़ेंः- सुवेंदु PA हत्याकांड-अयोध्या से अरेस्ट युवक चुनाव लड़ना चाहता था, मंत्री के साथ तस्वीर पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की हत्या में यूपी से संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया गया। बलिया के रहने वाले राज सिंह को बंगाल पुलिस ने अयोध्या से पकड़ा। पुलिस को शक है कि वह हत्या में शामिल है। इसके अलावा बिहार के बक्सर से भी 2 संदिग्ध शूटर्स मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्य को पुलिस ने पकड़ा है। यहां पढ़ें पूरी खबर
सीएम शुभेंदु PA हत्याकांड- वाराणसी से एक और शूटर गिरफ्तार:हथियारों की तस्करी करता था; यूपी से अब तक 3 पकड़े गए
