नोएडा में स्कॉर्पियो खंभे से टकराकर 3 बार पलटी:गाड़ी में आग लगी; भाजपा जिलाध्यक्ष का भतीजा घायल, दोस्त की मौत

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ग्रेटर नोएडा में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो बिजली के खंभे से टकराकर 3 बार पलटकर सीधी हुई। हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसका दोस्त घायल है। अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। टक्कर इतनी भयानक थी कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। बोनट में आग भी लग गई। हादसे के बाद काफी देर तक गाड़ी का सायरन बजता रहा। जिसे सुनकर आसपास के लोग इकट्टा हो गए। घायल युवक अलीगढ़ भाजपा जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह का भतीजा बताया जा रहा है। मामला शुक्रवार रात का नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र का है। पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। पहले देखिए तीन तस्वीरें… टक्कर की आवाज सुनते ही लोग घरों से निकले
हादसे के समय मौके पर मौजूद लोगों ने कहा- स्कॉर्पियो बहुत तेज रफ्तार में थी। अचानक ड्राइवर का नियंत्रण बिगड़ा और गाड़ी सीधे बिजली के पोल से जा भिड़ी। टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। फुटेज में स्कॉर्पियो तेज रफ्तार में दौड़ती दिखाई दे रही है। गनीमत रही कि जिस समय ये हादसा हुआ, उस समय सड़क खाली थी, नहीं तो बड़ा हादसा हो जाता। हादसे के बाद कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। सूचना मिलते ही नॉलेज पार्क थाना पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया। कार में अलीगढ़ के जट्टारी के रहने वाले दिनेश के बेटे ऋषभ और भाजपा जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह के भतीजे गुरुदेव सवार थे। इलाज के दौरान ऋषभ ने दम तोड़ दिया, जबकि गुरुदेव की हालत गंभीर बनी हुई है। थाना प्रभारी सर्वेश कुमार सिंह ने बताया- प्रथम दृष्टया हादसे की वजह तेज रफ्तार लग रही है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। —————————- ये खबर भी पढ़ें… सिपाही की सट्‌टेबाज गर्लफ्रेंड दरोगा बनना चाहती थी; एमटेक कर रही, झांसी में लिव-इन में रहती थी; 2 करोड़ की ज्वैलरी-कैश बरामद झांसी में IPL मैच में ऑनलाइन सट्‌टा खिलाने वाले सिपाही की गर्लफ्रेंड यशस्वी द्विवेदी (24) दरोगा बनना चाहता थी। पिछले महीने दरोगा भर्ती परीक्षा में शामिल हुई थी। पुलिस की अब तक की जांच में सामने आया है कि यशस्वी बीएड पास थी। टीचर एग्जाम भी दिया था। सफल नहीं हुई तो एमटेक में दाखिला ले लिया। पढ़िए पूरी खबर