बाहुबली मिश्रा की पत्नी-बहू 22 महिला कैदियों संग रुकीं:ज्ञानपुर जेल में एक ही बैरक में बंद, रात 12 बजे तक जागती रहीं

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भदोही के एमपी/ एमएलए कोर्ट ने शुक्रवार को बाहुबली विजय मिश्रा के पूरे परिवार को सजा सुनाई। इसके बाद उसकी पत्नी और बहू को ज्ञानपुर जेल भेज दिया गया। दोनों को एक ही बैरक में रखा गया। इसमें पहले से ही 22 महिला कैदी बंद हैं। धोखाधड़ी के 6 साल पुराने केस में विजय मिश्रा, उनकी पत्नी और पूर्व एमएलसी रामलली, बेटे विष्णु को 10-10 साल और बहू रूपा मिश्रा को 4 साल की कैद हुई है। विजय मिश्रा आगरा और उसका बेटा विष्णु लखीमपुर पहले से जेल में बंद है। जबकि पत्नी रामलली मिश्रा और बहू रूपा मिश्रा पहली बार जेल गई हैं। जेल अफसरों के मुताबिक, दोनों को सामान्य कैंदियों की तरह ही जेल मैन्युअल के अनुसार खाना दिया गया। दोनों देर रात तक जागती रहीं। लग्जरी लाइफ जीने वाली सास-बहू को आम कैदियों की तरह ही रखा गया है। यहां लेटने के लिए दरी और टाट की व्यवस्था है। जेल अधीक्षक अभिषेक सिंह ने बताया – जेल में महिलाओं के लिए केवल एक बैरक है, जिसमें सास-बहू को रखा गया है। दोनों ने शाम को जेल के नियमानुसार भोजन किया। अन्य महिला कैदियों से बातचीत की और देर रात 12 बजे के बाद दोनों सो सकीं। ज्ञानपुर जेल मैन्युअल के अनुसार, सभी कैदियों को शाम 6:30 बजे भोजन दिया जाता है। विजय की पत्नी और बहू को भी सभी कैदियों की तरह ही भोजन दिया गया। जेल अधीक्षक की मानें तो रामलली और रूपा फिलहाल ज्ञानपुर जिला जेल में ही रहेंगी। बाद में दोनों को दूसरी जेल में शिफ्ट करने पर विचार किया जाएगा। 1500 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में रिश्तेदार ने केस कराया मामला 4 अगस्त, 2020 का है। विजय मिश्रा के रिश्तेदार कृष्ण मोहन तिवारी उर्फ मुन्ना ने केस दर्ज कराया था। 1500 करोड़ की धोखाधड़ी के अलावा विजय और उनके परिवार पर 50 बीघा जमीन और एक 6000 स्क्वायर फीट का मकान, करीब एक बीघे में बैठक के लिए बने हॉल को कब्जाने का आरोप लगाया था। 10 दिन बाद 14 अगस्त को मध्य प्रदेश के आगर जिले से विजय को गिरफ्तार किया गया था। वकील बोले- विजय मिश्रा ने करोड़ों का हेरफेर किया शासकीय अधिवक्ता प्रवेश त्रिपाठी ने बताया- कोर्ट ने विजय मिश्रा समेत पूरे परिवार को दोषी मानकर सजा का ऐलान किया है। सभी पर 50-50 हजार का जुर्माना भी लगाया है। जिन जमीनों पर विजय मिश्रा ने कब्जा किया, उसकी कीमत करोड़ों में है। उसने करीब 1500 करोड़ का हेरफेर किया। जांच में आय 2.32 करोड़, संपत्ति 23.81 करोड़ निकली विजय मिश्रा प्रयागराज में हंडिया थाना क्षेत्र के खपटिहा गांव का रहने वाला है। वह इस समय आगरा सेंट्रल जेल में बंद है। साल 2017 में विजय मिश्रा और उसकी पत्नी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले की शिकायत की गई थी। इसमें विधायक और एमएलसी रहते हुए दोनों पर नामी-बेनामी चल-अचल संपत्ति हड़पने का आरोप था। विजिलेंस की जांच में 2002 से 2017 (15 साल) के बीच विजय मिश्रा की कुल आय दो करोड़ 32 लाख, 33 हजार 593 रुपए पाई गई। जबकि, इस दौरान 23 करोड़, 81 लाख, 98 हजार, 248 रुपए की संपत्ति अर्जित की गई। 5 फर्म में डायरेक्टर है बहू रूपा बाहुबली विजय मिश्रा की बहू रूपा मिश्रा पांच कंपनियों में डायरेक्टर है। रूपा मिश्रा ने मिर्जापुर से बीएससी की पढ़ाई की है। वह VPS स्टार-RR प्रा.लि., ललीरा कंस्ट्रक्शन प्रा.लि., नव निर्माण इंफ्राहाइट्स एंड मूवर्स प्रा.लि., ललीरा बिल्डकॉन प्रा.लि. और ललीरा ज्वैल्स प्रा.लि. में डायरेक्टर के पद पर रही हैं। विजय मिश्रा का बेटा लखीमपुर जेल में बंद विजय मिश्रा का बेटा लखीमपुर जेल में है। भतीजा मनीष मिश्रा भी दुष्कर्म पीड़िता को डराने-धमकाने और फर्जी शस्त्र लाइसेंस समेत अन्य मामलों में आरोपी है। वो जौनपुर जिला जेल में बंद है। मनीष तीन बार ब्लॉक प्रमुख रहा है। विजय मिश्रा को कई मामलों में सजा 13 मई को प्रयागराज एमपी/एमएलए कोर्ट ने विजय मिश्रा समेत 4 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हत्या का यह केस 46 साल पुराना है। विजय मिश्रा ने प्रयागराज कोर्ट में वकील श्याम नारायण पांडे के भाई प्रकाश नारायण पांडे को गोली मारी थी। इस हत्या में उसके साथ अन्य तीन आरोपी जीत नारायण, संतराम मिश्रा और बलराम मिश्रा भी शामिल थे। भदोही एमपी/एमएलए कोर्ट से वाराणसी के एक सिंगर से रेप के मामले में 4 नवंबर 2023 को 15 साल करावास व एक लाख दस हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई थी। विजय को आर्म्स एक्ट में भी 2 बार सजा हो चुकी है। पहली बार- भदोही कोर्ट ने 17 अक्टूबर 2022 को 2 साल की सजा सुनाई थी। साथ ही 10 हजार का जुर्माना लगाया था। दूसरी बार- प्रयागराज कोर्ट ने 18 मार्च 2023 को 5 साल की सजा सुनाई थी और 10 हजार का जुर्माना लगाया था। साल-2022 में उसके कई ठिकानों से पुलिस और क्राइम ब्रांच ने AK-47 सहित कई हथियारों का जखीरा बरामद किया था। पेट्रोल पंप पर मिला था हथियारों का जखीरा 2022 में बाहुबली पूर्व विधायक विजय मिश्रा के पेट्रोल पंप से हथियारों का जखीरा मिला था। विजय के बेटे विष्णु मिश्रा को STF ने पुणे से गिरफ्तार किया था। उसकी निशानदेही पर पेट्रोल पंप से एक AK-47 राइफल, 4 AK-47 राइफल की मैगजीन, 375 AK-47 के कारतूस के अलावा एक 9mm पिस्टल, उसकी 1 मैगजीन, 9 कारतूस बरामद किए गए थी। लगातार 4 बार विधायक रहा विजय मिश्रा विजय मिश्रा का भदोही ज‍िले की ज्ञानपुर सीट पर दो दशकों तक कब्जा रहा। साल 2002 से 2017 के बीच यूपी में सत्ता किसी के भी पास रही हो, लेकिन ज्ञानपुर की चाबी विजय मिश्रा के पास ही रही। वो लगातार चार बार विधायक चुना गया। तीन बार समाजवादी पार्टी के सिंबल पर और एक बार निषाद पार्टी के टिकट पर। 2022 के चुनाव में ज्ञानपुर की जनता ने म‍िश्रा का व‍िजय रथ रोक लिया। निषाद पार्टी ने उनका टिकट काटकर विपुल दुबे को प्रत्याशी बनाया। इसके बाद विजय मिश्रा ने प्रगतिशील मानव समाज पार्टी के बैनर तले चुनाव लड़ा, लेकिन तीसरे स्थान पर रहा। विपुल दुबे ने 6,231 वोटों से जीत दर्ज की।
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