Pithoragarh gass crisi solution: पहाड़ी इलाकों में लोगों ने फिर से लकड़ी के चूल्हे का इस्तेमाल शुरू किया है, लेकिन इस बार तरीका थोड़ा बदला हुआ है. पहले के समय में लकड़ी के चूल्हे से बहुत ज्यादा धुआँ निकलता था, जिससे किचन काला पड़ जाता था और खाना बनाने वाले को भी काफी दिक्कत होती थी. लेकिन अब जो नया चूल्हा बनाया गया है, वो बिल्कुल अलग है. इस चूल्हे को गैस चूल्हे के प्लेटफॉर्म के बराबर ऊँचाई पर बनाया जाता है, जिससे खाना बनाते समय झुकना नहीं पड़ता और काम आसान हो जाता है
गैस संकट के बीच पहाड़ों पर देसी चूल्हा बना समाधान, बिना धुंआ के तैयार होता है भोजन, जाने
