द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की खबर में पुलिस ने बताया कि लड़की को अफगान नागरिक माले खान अफगानिस्तान से लाया था। वह लड़की की शादी अपने भाई गुल खान से कराना चाहता था और उसके माता-पिता को रोजगार दिलाने का वादा भी किया था। मां और बेटी पहाड़ी रास्तों से गधों पर सवार होकर रावलपिंडी पहुंचीं। चर्च रोड स्थित माले खान के घर पर उनका स्वागत किया गया।
पुलिस के अनुसार, लड़की को गुल खान से मिलवाया गया। लड़की ने बूढ़े गुल खान से शादी से इनकार कर दिया और अपनी मां पर अफगानिस्तान लौटने का दबाव डाला। उसके इनकार के बावजूद माले खान ने अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर एक मौलवी को बुलाकर जबरन निकाह करवाने की कोशिश की। नौशाबा के विरोध से पड़ोसी भड़क गए। यह देखकर मौलवी भाग गया।
स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को बुलाया। इस बीच माले खान भी भाग गया। पुलिस ने मां और बेटी को हिरासत में ले लिया। कानूनी यात्रा दस्तावेज न होने के कारण दोनों को निर्वासन के लिए उपायुक्त के अफगान प्रकोष्ठ को सौंप दिया गया। उन्हें 48 घंटों के भीतर तोरखम सीमा के रास्ते स्वदेश भेज दिया जाएगा। रावलपिंडी की धामियाल पुलिस ने मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
