हरियाणा के सबसे बुजुर्ग पूर्व विधायक सहीराम धारणिया की आज (29 मई) को उनके पैतृक गांव डबवाली के सकता खेड़ा में शोक सभा कार्यक्रम रखा गया। इसी दौरान बिश्नोई समाज की सबसे बड़ी संस्था अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा द्वारा स्व. सही राम को मरणोपरांत ‘बिश्नोई रत्न’ सम्मान देकर सम्मानित दिया। हरियाणा सीएम सीएम नायब सिंह सैनी ने स्वयं उनको ये सम्मान दिया और गांव में बनने वाले अस्पताल के नामकरण की घोषणा की। बिश्नोई महासभा के अध्यक्ष देवेंद्र बूड़िया, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला, फतेहाबाद के पूर्व विधायक दुड़ाराम बिश्नोई और बीजेपी नेता रोहताश जांगड़ा, नलवा विधायक रणधीर पनिहार, राजस्थान बीजेपी उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक बिहारीलाल बिश्नोई, राजस्थान के मंत्री केके बिश्नोई, पंजाब की AAP सरकार से जलालाबाद विधायक जगदीश कंबोज गोल्डी, राजस्थान से संगरिया से विधायक अभिमन्यु पूनिया पहुंचे। पचंकूला विधायक चंद्रमोहन की पत्नी सीमा बिश्नोई पहुंची। परिवार की ओर से स्व. सहीराम को अंतिम यात्रा के समय राजकीय सम्मान न मिलने पर नाराजगी है। इसी के चलते सीएम पहुंचे। शुक्रवार सुबह 10 बजे का समय रखा है। हिसार रेंज के आईजी कुलदीप सिंह, नगर आयुक्त सुरेंद्र सिंह सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे। सिरसा ही नहीं देशभर से बिश्नोई समाज और महासभा से जुड़े नेता, विधायक एवं पूर्व विधायक उनको श्रद्धांजलि देने पहुंचे। परिवार ने पूर्व सांसद एवं बीजेपी नेता कुलदीप बिश्नोई को निमंत्रण दिया, पर वे नहीं पहुंचे। सीएम बोले- विधानसभा सत्र में बुलाना था, पर वे नहीं रहे सीएम नायब सिंह सैनी मंच से संबोधन में कहा, मैंने विधानसभा सत्र में स्पीकर साहब को कहा कि हमारे यहां एक ऐसे विधायक, जिन्होंने अपनी आयु के 100 वर्ष पूरे कर लिए हैं। उनको यहां विधानसभा में लाकर सम्मानित करेंगे। परमपिता प्रमात्मा की जो मर्जी है, वो हमारे बीच में नहीं है। उनके प्रेरणा हमें आर्शीवाद देते रहेंगे। सीएम सैनी ने कहा- परिवार की ओर से जयसिंह बिश्नोई ने कुछ मांगे रखी कि उनके नाम कोई संस्था बने। आज ये घोषणा करता हूं कि गांव में जो अस्पताल बनेगा, उनके नाम से बनेगा। सदैव प्रेरणा देता रहेगा। पंडाल में जुटी भीड़ और नेताओं के फोटोज: मंत्री ढांडा बोले- वे महान व्यक्तित्व के धनी थे शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि चौ. सहीराम बिश्नोई एक महान व्यक्तित्व के धनी थे। जिन्होंने समाज हित में अनेक कार्य किए। उनको कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। पूर्व विधायक बिहारीलाल बिश्नोई ने कहा- वे एक व्यक्ति थे, जिन्होंने देश विभाजन की विभीषिका को देखा और पाकिस्तान से भारत आने पर खुद व हजारों लाखों को बसाने का काम किया। बाद में आएंगे कुलदीप बिश्नोई अब महासभा और सीएम की ओर से सम्मानित होने पर उनके परिवार में खुशी का माहौल है। यह सम्मान पाने वाले वे समाज से चौथे व्यक्ति बन गए है। इससे पहले हरियाणा के पूर्व सीएम चौ. भजनलाल एवं पूर्व सांसद और बीजेपी नेता कुलदीप बिश्नोई एवं राजस्थान के पूर्व डीजीपी भागीरथ बिश्नोई को मिला हुआ है। ऐसे में कुलदीप बिश्नोई बाद में आने की सूचना है।
परपोते लोकेश ने ज्यादा से ज्यादा लोगों के पहुंचने की अपील इसे लेकर स्व. सहीराम धारणिया के परपोते लोकेश बिश्नोई की ओर से वीडियो जारी कर संदेश जारी करते हुए कहा, उनका 104 साल का जीवन आजादी से पहले से लेकर अब तक संघषों से भरा हुआ है। अनेक संस्थाएं दुरदर्शी सोच से बनाई है और सादगी को सर्वोपरि रखा। उनको बिश्नोई रत्न से नवाजा जा रहा है तो सभी समाज से भाई-बंधू और नेता यहां पहुंचे और उनको श्रद्धांजलि अर्पित करे। परिवार बोला- सभी समाज से ज्यादा से ज्यादा लोग आएंगे स्व. सहीराम धारणिया के परिवार की ओर से उनकी श्रद्धांजलि सभा का निमंत्रण सभी लोगों को निमंत्रण दिया है। परिवार ने ज्यादा से ज्यादा लोगों से पहुंचने की अपील की है। परिवार का कहना है कि जो सम्मान पहले मिलना था, वो मिलने जा रहा है। इससे समाज के लोगों में भी खुशी है। उनके निधन के बाद समाज में महासभा की ओर से ये सम्मान देने की मांग उठी और सोशल मीडिया में ट्रोल हुए। देश बंटवारे के बाद पाकिस्तान से भारत आए थे सहीराम धारणिया का जन्म 12 जनवरी 1922 को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बहावलपुर रियासत के प्रसिद्ध गांव तालिया (कुम्भाणा) में जमीदार चौधरी रामलाल जी धारणिया के घर हुआ था। उनकी हवेली की निशानी अभी भी मौजूद है। दोहते सोमप्रकाश ने बताया कि नाना (सहीराम) ने अपनी रियासत और गांव में हजारों एकड़ जमीन और हवेली को छोड़कर भारत आने का फैसला लिया। देश के बंटवारे के बाद वे भारत आ गए और उन्होंने “गहने बेचो, हथियार खरीदो” नामक एक अभियान भी चलाया। सकताखेड़ा में परिवार सहित रहने लगे। 1957 में उन्होंने अबोहर से पहला विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। 1950 में उन्हें अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा का सचिव बनाया गया। 20 साल तक उन्होंने यह जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद 20 साल वह अध्यक्ष रहे।
पूर्व MLA सहीराम धारणिया को मरणोपरांत ‘बिश्नोई रत्न’:CM सैनी की अस्पताल के नामकरण की घोषणा; देवेंद्र बुड़िया-राजस्थान बीजेपी उपाध्यक्ष भी पहुंचे
