मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। सेवा की आड़ में मंत्री का प्रचार मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर भी गजब ही करते हैं। वे ग्वालियर के सिविल अस्पताल हजीरा पहुंचे थे। यहां वे सीधे आईसीयू में गए और वहां भर्ती एक मरीज के पैर दबाने लगे। मंत्री ने इसे सेवा का नाम दिया, लेकिन इस सेवा का असली मकसद भी खुद ही जाहिर कर दिया। मरीज के पैर दबाते हुए उन्होंने कहा- अभी मुझे एक बार और एमएलए बनाना है। मरीज अस्पताल के बिस्तर पर लेटा हुआ है। उसके हाथ में ड्रिप लगी है और वह ठीक से बोल भी नहीं पा रहा। लेकिन मंत्री एक तरह से उससे वोट मांगते नजर आए। यह वीडियो खुद मंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया है। खरी बात यह है कि नेताओं को हर जगह वोट ही नजर आते हैं। यही वजह है कि सेवा की आड़ में प्रचार अभियान भी फुलऑन चलता दिखाई देता है। कांग्रेस में सीएम फेस के ट्रेलर अभी से लॉन्च मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव अभी दूर हैं, लेकिन कांग्रेस नेताओं का कॉन्फिडेंस अभी से हाई नजर आ रहा है। पार्टी के कई नेता यह दावा करते दिखाई दे रहे हैं कि 2028 में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनेगी। इसी के साथ पार्टी के भीतर सीएम फेस की रेस शुरू हो गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के समर्थक सोशल मीडिया पर उन्हें मुख्यमंत्री के तौर पर प्रोजेक्ट कर रहे हैं। ‘अपना तो बस उमंग सिंघार’ नाम के एक सोशल मीडिया अकाउंट से उनका फोटो शेयर किया गया है। पोस्ट में उमंग सिंघार को सीएम की कुर्सी पर दिखाया गया है। उनके सामने रखी नेम प्लेट पर ‘माननीय उमंग सिंघार, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश’ लिखा नजर आ रहा है। बैकग्राउंड में ‘कैबिनेट बैठक मध्य प्रदेश सरकार’ लिखा दिख रहा है। पोस्ट के टाइटल में लिखा है- ‘अगला मुख्यमंत्री, उमंग सिंघार।’ वहीं, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के समर्थकों ने भी उन्हें सीएम फेस के तौर पर प्रोजेक्ट करना शुरू कर दिया है। ‘गोलू गोस्वामी’ नाम के अकाउंट से जीतू पटवारी का एक वीडियो शेयर किया गया, जिसका टाइटल दिया गया- ‘मध्य प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री जीतू पटवारी जी।’ वीडियो में जीतू पटवारी नजर आ रहे हैं। बैकग्राउंड ऑडियो में एक डायलॉग सुनाई दे रहा है- ‘सरकार गिराने जा रहे हैं हम बहुत जल्दी। सीएम साहब तो गए समझिए। अगले सीएम आपके सामने बैठे हैं।’ अब लोग चटकारे ले रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि चुनाव में अभी ढाई साल बाकी हैं, लेकिन कांग्रेस में सीएम फेस के ट्रेलर अभी से लॉन्च होने लगे हैं। कुछ लोग इसे ‘एक अनार, सौ बीमार’ वाली स्थिति बता रहे हैं, तो कुछ का कहना है कि पहले चुनाव तो जीत लो। अलग अंदाज में गोपाल भार्गव भाजपा के सबसे सीनियर विधायकों में शामिल गोपाल भार्गव का अलग ही अंदाज देखने को मिला है। एक रील में वे बुलेट चलाते नजर आ रहे हैं। वीडियो के बैकग्राउंड में साल 1978 में आई फिल्म ‘देवता’ का मशहूर गीत ‘गुलमोहर तुम्हारा नाम होता’ सुनाई दे रहा है। सागर जिले की रहली सीट से विधायक गोपाल भार्गव अपने शहर गढ़ाकोटा में प्रकृति की खूबसूरती का आनंद लेने निकले थे। विधायक ने पोस्ट में लिखा- ‘जब दोपहिया वाहन से यूं ही शहर की गलियों और सुनार नदी के किनारे से गुजरना हुआ, तो पुल के आसपास खिले गुलमोहर के मनमोहक फूलों ने कदम रोक लिए। डूबते सूरज की सुनहरी किरणें जब उन लाल फूलों पर पड़ीं, तो पूरा दृश्य किसी चलचित्र के खूबसूरत दृश्य जैसा प्रतीत होने लगा।’ उन्होंने आगे लिखा- ‘उस पल मन अचानक वर्षों पीछे चला गया और वर्ष 1978 में प्रदर्शित फिल्म ‘देवता’ का वह मधुर गीत ‘गुलमोहर तुम्हारा नाम होता’ अनायास ही होंठों पर आ गया। मानो प्रकृति स्वयं कोई पुरानी फिल्मी कहानी सुना रही हो।’ हालांकि, लोग हल्के-फुल्के तंज भी करते दिखे। कुछ लोगों ने कहा कि रील तो शानदार बनाई गई, लेकिन अगर विधायक हेलमेट भी पहन लेते तो वीडियो में चार चांद लग जाते और लोगों को सड़क सुरक्षा का संदेश भी मिल जाता। बस में इंदौर से उज्जैन आए सीएम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले ही अपना काफिला छोटा कर चुके हैं। अब वे बस की सवारी करते नजर आए। मुख्यमंत्री ने इंदौर से उज्जैन तक का सफर एक मिनी बस में तय किया। इस दौरान उनके साथ मंत्री, विधायक, सांसद और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। रास्ते में सीएम लोगों से मिलते और बातचीत करते भी दिखाई दिए। अब लोग कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री की इस पहल से उनकी सरकार के उन नेताओं को भी सीख लेनी चाहिए, जो सिर्फ फोटो और वीडियो के लिए सादगी दिखाते नजर आते हैं। ये भी पढ़ें… योग के बाद ‘भोग’, खाने पर टूटे लोग: लेडी अफसर से बोले विधायक- तेरे बाप का राज नहीं खजुराहो में योग के एक सरकारी कार्यक्रम में लोग खाने पर टूट पड़े। योग सत्र खत्म होने के बाद जब भोजन वितरण शुरू हुआ तो वहां अचानक अफरा-तफरी जैसे हालात बन गए। लोग खाने के पैकेट लेने के लिए एक साथ उमड़ पड़े। जिसके हाथ में जितने पैकेट आए, वह उन्हें लेकर निकलता दिखाई दिया। पढ़ें पूरी खबर…
मरीज के पैर दबाकर बोले मंत्री- मुझे फिर विधायक बनाना:कांग्रेस में लगी सीएम फेस की रेस; गोपाल भार्गव को याद आया 48 साल पुराना गाना
