एमपी में नौतपा के शुरुआती 2 दिन आंधी-बारिश का दौर रहा। वहीं, 28 मई से लगातार 3 दिन तक प्रदेश के अधिकांश हिस्से में पानी गिरने का अलर्ट है। IMD (मौसम केंद्र) भोपाल की माने तो यह प्री-मानसून की दस्तक है। 10 से 16 जून के बाद प्रदेश में मानसून एंट्री कर सकता है। बुधवार को निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में तीव्र लू का रेड अलर्ट है। टीकमगढ़ में रात में पारा बढ़ा हुआ रहेगा। वहीं, ग्वालियर, जबलपुर में तीव्र लू का अलर्ट जारी किया गया है। भोपाल में भी लू चल सकती है। मौसम की डिटेल नीचे बताएंगे, उससे पहले नौतपा के दौरान सेहत का ख्याल रखने वाली ये खबर पढ़ लीजिए… नौतपा में घर से निकलते हुए सावधान: ये 7 चीजें साथ रखें, 11 सावधानियां जरूर बरतें, इन 9 संकेतों को इग्नोर न करें नौतपा के 9 दिनों के दौरान तापमान 40-45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। लोगों को रोजमर्रा के काम, ऑफिस या जरूरी जिम्मेदारियों के कारण बाहर निकलना ही होता है। लेकिन जरा सी लापरवाही से डीहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक, थकान, कमजोरी और चक्कर जैसी समस्याएं हो सकती हैं। पूरी खबर पढ़ें… प्रदेश में खजुराहो-नौगांव सबसे गर्म इससे पहले मंगलवार को ग्वालियर समेत प्रदेश के 16 शहरों में अधिकतम तापमान 44 डिग्री या इससे ज्यादा दर्ज किया गया। छतरपुर के खजुराहो और नौगांव लगातार गर्म बने हुए हैं। मंगलवार को खजुराहो में 46.4 डिग्री और नौगांव में पारा 45.6 डिग्री रहा। वहीं, दतिया में 45.2 डिग्री, दमोह, सतना-टीकमगढ़ में 45 डिग्री, रीवा में 44.8 डिग्री, राजगढ़ में 44.6 डिग्री, श्योपुर में 44.4 डिग्री, गुना में 44.3 डिग्री, नरसिंहपुर में 44.2 डिग्री, सागर, मंडला, मुरैना-रायसेन में तापमान 44 डिग्री पहुंच गया। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे गर्म रहा। यहां पारा 44.1 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 43.2 डिग्री, इंदौर में 41.2 डिग्री, उज्जैन में 42 डिग्री और जबलपुर में 43.9 डिग्री सेल्सियस रहा। भोपाल में हर साल नौतपा में बारिश भोपाल में पिछले 14 साल में 7 बार नौतपा के दौरान बारिश दर्ज हुई, जबकि 2 बार सिर्फ बूंदाबांदी हुई थी। इस बार शुरुआत में ही बूंदाबांदी हो गई है। 2018 और 2019 में सबसे ज्यादा तपिश रही, जब औसत तापमान 43 से ऊपर पहुंचा था। बुधवार को इन जिलों में हीटवेव का अलर्ट 6 जिलों में रेड अलर्ट: निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा। 19 जिलों में तीव्र लू का ऑरेंज अलर्ट: ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, सागर, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, शहडोल, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा, आगर-मालवा और राजगढ़। 22 जिलों में लू का येलो अलर्ट: भोपाल, उज्जैन, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, शाजापुर, देवास, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, पांढुर्णा, डिंडौरी और अनूपपुर। 8 जिलों में तेज गर्मी: इंदौर, धार, बड़वानी, झाबुआ, अलीराजपुर, हरदा, नर्मदापुरम और बैतूल। मैप में समझें, अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, 28 मई तक गर्मी का यह दौर अपने पीक पर रहेगा। विभाग ने अगले 4 दिन यानी 29 मई तक के लिए मौसम का फोरकास्ट जारी किया है। इसमें 27 और 28 मई को तेज गर्मी का असर रहने की संभावना जताई गई है। वहीं, 29 मई से आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर शुरू हो जाएगा। लू से बचने के लिए दोपहर में घर पर ही रहें मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे ने बताया कि दोपहर 12 से 3 बजे तक गर्मी का ज्यादा असर रहेगा। ऐसे में लोग जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें। दिनभर पर्याप्त पानी पीएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। हलके रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर ध्यान रखें। मई में MP के 5 बड़े शहरों में ऐसा ट्रेंड भोपाल में गर्मी के साथ बारिश का भी दौर भोपाल में मई में तेज गर्मी के साथ बारिश का ट्रेंड भी रहा है। यहां 2016 में तापमान रिकॉर्ड 46.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। 2014 से 2023 तक हर साल मई में बारिश दर्ज की गई। 2021 और 2023 में 2 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। इस बार भी मई में बारिश का अलर्ट है। इंदौर में 2023 में गिरा था 3 इंच पानी इंदौर में मई में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, 31 मई 1994 को यहां रिकॉर्ड 46.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। मई में मौसम बदलने के साथ बादल और बौछारें भी होती हैं। पिछले साल करीब 3 इंच बारिश हुई थी। यहां 2014 से 2023 के बीच 9 बार मई में बारिश हो चुकी है। ग्वालियर में 48 डिग्री के पार पहुंच चुका पारा ग्वालियर में प्रदेश के अन्य बड़े शहरों की तुलना में ज्यादा गर्मी पड़ती है। 10 साल में यहां तापमान एक बार 47 डिग्री और तीन बार 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। 30 मई 1947 को यहां रिकॉर्ड 48.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। मौसम में बदलाव के कारण मई में ग्वालियर में बारिश भी होती है। 17 मई 1953 को 24 घंटे में सर्वाधिक 41.9 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई थी। 2023 में भी यहां ढाई इंच पानी गिरा था। जबलपुर में 3 बार 45 डिग्री पार कर चुका तापमान जबलपुर में 25 मई 1954 को तापमान रिकॉर्ड 46.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। 10 साल में तीन बार पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार गया है। मई में यहां बारिश का ट्रेंड भी रहा है। 2014 से 2023 तक हर साल इस महीने बारिश हुई। जबलपुर में 2021 की मई में 3 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी, जबकि पिछले साल करीब 2 इंच पानी गिरा था। उज्जैन में भी गर्मी, बारिश का ट्रेंड उज्जैन में मई में गर्मी और बारिश दोनों का ट्रेंड रहता है। 22 मई 2010 को यहां तापमान रिकॉर्ड 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। 2014 से 2023 के बीच एक बार पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार गया। हालांकि, पिछले साल तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा नहीं पहुंचा। मई में यहां बारिश भी होती है। पिछले साल करीब पौन इंच पानी गिरा था।
MP के 16 शहरों में पारा 44°C पार,खजुराहो सबसे गर्म:नौतपा में 2 दिन गिरा पानी; 28 मई से लगातार 3 दिन बारिश का अलर्ट
