हरियाणा से राज्यसभा चुनाव लड़ने वाले निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल (BJP समर्थित) की वोट कैंसिल को लेकर हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका मंजूर हो गई है। अब हाईकोर्ट की ओर से सुनवाई के लिए तारीख तय होनी है। याचिका में कहा गया है कि ऐलनाबाद विस से कांग्रेस विधायक भरत सिंह बैनिवाल का वोट कैंसिल किया जाए, वो गलत तरीके से डाला गया है। ऐसे में कांग्रेस के लिए भी मुश्किल पैदा हो सकती है। एक वोट की बदौलत ही कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध जीते थे। निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदेल एक वोट से हार गए थे। निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल ने दैनिक भास्कर एप की टीम से बातचीत में बताया, याचिका दायर पहले ही की गई थी कि विधायक भरत सिंह बैनिवाल का वोट कैंसिल किया जाए। अब वो रजिस्ट्रड हो गई है, जल्द ही तारीख तय होने वाली है, जिस पर सुनवाई होगी। 6 अप्रैल को पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। वहीं, विधायक भरत सिंह बैनिवाल का कहना है कि ऐसा कुछ नहीं है, ये बेवजह बवंडर बना रहे हैं। वोटिंग बंद होने के बाद उठाया ऑब्जेक्शन मामले में ऐलनाबाद विधायक भरत सिंह बैनिवाल ने दैनिक भास्कर एप की टीम से बातचीत में बताया, हमने अपना वोट सुबह साढ़े 11 वोट डाला था। वोटिंग बंद होने के बाद ऑब्जेक्शन उठाया था। इन्होंने (BJP) प्लान बनाकर किया है कि किसी तरह से एक वोट कैंसिल किया जाए। ये आरोप लगाया था कि नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मेरा हाथ पकड़ लिया और वोट छीन लिया। जबकि ये आरओ ने स्वयं क्लीयर किया है और ये इलेक्शन कमीशन से भी होके आए हैं। जिसमें साफ किया कि ऐसा कुछ नहीं हुआ है, ये बेवजह बवंडर बना रहे थे, कुछ नहीं होगा। जहां जाना है, जा सकता है। अभी लीगली तौर पर कुछ नहीं आया है। अगर कुछ आएगा, तो जवाब देंगे। क्रॉस और कैंसिल वोटों को लेकर विवाद निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल सबसे अमीर हैं। उन्होंने दाखिल नामाकंन पत्र में अपनी प्रॉपर्टी 73.74 करोड़ रुपए दर्शाई थी। हरियाणा के राज्यसभा चुनाव में क्रॉस और कैंसिल वोटों को लेकर विवाद शुरू से लेकर अंत तक रहा। कांग्रेस के तीन और बीजेपी के एक कैंसिल वोट हुए। इनेलो ने दो वोट ही नहीं डाले। बीजेपी के एक कैंसिल वोट के कारण पार्टी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल चुनाव हार गए। जानिए कौन कितने वोट से विजयी हुआ और हारा प्रदेश के कुल 90 में 88 विधायकों ने वोट डाले। कांग्रेस के 4 और भाजपा का 1 वोट रद्द हुआ। जिसके चलते 83 वोट वैध माने गए। संजय भाटिया को पहली प्राथमिकता के 27.66 वोट मिले। निर्दलीय नांदल को 27.34 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध को 28 वोट मिले। इस प्रकार, नांदल, बौद्ध से केवल 0.66 वोट, यानी एक वोट से भी कम अंतर से हार गए। इससे कांग्रेस के बौद्ध महज .66 (पाइंट) यानी एक वोट से भी कम अंतर से जीत गए। कांग्रेस के 37 विधायकों में से 4 वोट रद्द हो गए और 5 ने क्रॉस वोटिंग की, जिससे 28 वोट बचे।
हरियाणा राज्यसभा चुनाव, निर्दलीय उम्मीदवार की हाईकोर्ट में याचिका मंजूर:कांग्रेस विधायक के वोट पर सवाल; कहा- भरत सिंह बैनिवाल का वोट कैंसिल हो
