उज्जैन में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का असर देखने को मिला। कथा वाचक ने श्रद्धालुओं को पेट्रोल-डीजल का कम उपयोग करने और एक साल तक सोना नहीं खरीदने की शपथ दिलाई। जीवाजीगंज थाने के सामने स्थित संत लीलाशाह कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी में 17 से 23 मई तक प्रतिदिन शाम 4:30 से 7:30 बजे तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के दूसरे दिन महाराष्ट्र के अमरावती से पहुंचे राष्ट्रीय संत डॉ. संतोष महाराज ने शिव-पार्वती विवाह, माता सती और राजा दक्ष प्रजापति के प्रसंग सुनाए। ई-स्कूटर, ई-रिक्शा और साइकिल का इस्तेमाल करें कथा के दौरान संतोष महाराज ने राष्ट्रहित और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का संदेश देते हुए श्रद्धालुओं से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सप्ताह या महीने में कम से कम एक दिन पेट्रोल-डीजल से चलने वाले वाहनों का उपयोग नहीं करें। इसके बजाय ई-स्कूटर, ई-रिक्शा और साइकिल का ज्यादा इस्तेमाल करें, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। संतोष महाराज ने श्रद्धालुओं को एक वर्ष तक सोना नहीं खरीदने की शपथ भी दिलाई। कथा में बड़ी संख्या में सिंधी समाज के लोग मौजूद रहे। सिंधी भाषा में श्रीमद्भागवत कथा सिंधी पंचायत के अध्यक्ष दौलत खेमचंदानी ने बताया कि उज्जैन में पहली बार सिंधी भाषा में श्रीमद्भागवत कथा आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान से प्रेरित होकर लोगों से सप्ताह में एक दिन पेट्रोल वाहन का उपयोग नहीं करने, एक वर्ष तक सोना नहीं खरीदने और संभव हो तो विदेश यात्रा टालने का संदेश दिया गया है।
श्रीमद्भागवत कथा में पेट्रोल-डीजल और सोना बचाने की शपथ:उज्जैन में पीएम मोदी की अपील का असर,कथावाचक ने कहा-हफ्ते में एक दिन ई-वाहन से चलें
