खजुराहो में टेम्परेचर रिकॉर्ड 46.8°C:MP के 22 शहरों में पारा 44 डिग्री पार, 2-3° और बढ़ेगा तापमान; अगले 3 दिन भीषण गर्मी

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मध्य प्रदेश में जैसे आग बरस रही है। सोमवार को पूरा प्रदेश तप गया। छतरपुर के खजुराहो में पारा रिकॉर्ड 46.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जबकि नौगांव में 46 डिग्री रहा। प्रदेश के 22 शहर ऐसे रहे, जहां सीजन में पहली बार अधिकतम तापमान 44 डिग्री या इससे अधिक रहा। भोपाल में तापमान 44 डिग्री रहा। इससे यहां सड़कें पिघल गईं। मौसम विभाग के अनुसार, इस सीजन में मई में पहली बार सोमवार को पूरा मध्य प्रदेश तपा। खजुराहो में इतिहास का दूसरा सबसे गर्म दिन रहा। इससे पहले 29 अप्रैल 1993 को पारा 46.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इंदौर में 44.3 डिग्री, ग्वालियर में 43.7 डिग्री, उज्जैन में 44 डिग्री और जबलपुर में तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस रहा। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में पिछले साल से भी ज्यादा गर्मी रही। एक ही जिले के 2 शहर सबसे ज्यादा गर्म
प्रदेश में सोमवार को छतरपुर जिले के 2 शहर खजुराहो और नौगांव सबसे गर्म रहे। नौगांव में अधिकतम तापमान 46 डिग्री दर्ज किया गया। राजगढ़ में 45.5 डिग्री, रतलाम में 45.4 डिग्री, खंडवा में 45.1 डिग्री, शाजापुर, श्योपुर-मुरैना में 45 डिग्री, दमोह-सतना में 44.8 डिग्री, सागर में 44.7 डिग्री, गुना-रीवा में 44.5 डिग्री, रायसेन में 44.4 डिग्री, खरगोन में 44.2 डिग्री, धार में 44.1 डिग्री, टीकमगढ़ और मंडला में 44 डिग्री रहा। IMD (मौसम केंद्र) की माने तो अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की और बढ़ोतरी होगी। आज भी भीषण गर्मी का अलर्ट
मौसम विभाग ने मंगलवार को भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में तीव्र लू का अलर्ट जारी किया है। यहां पारा 45 डिग्री या इससे अधिक रह सकता है। भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, सीहोर, विदिशा, रायसेन, नरसिंहपुर, सागर, दमोह, पन्ना, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर और मुरैना में भी हीट वेव की चेतावनी दी गई है। इन जिलों में तेज गर्मी का अनुमान
मौसम विभाग ने जबलपुर, झाबुआ, आलीराजपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में लू का अलर्ट तो जारी नहीं किया है, लेकिन यहां गर्मी का असर तेज रहेगा। चेतावनी- दोपहर 12 से 3 बजे तक बाहर न निकलें
मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे ने कहा कि दोपहर 12 से 3 बजे तक ज्यादा असर रहेगा। ऐसे में लोग जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकले। अगले 3 दिन यानी, 17, 18 और 19 मई को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी पड़ेगी। मई के 18 में से 15 दिन गिरा पानी
मध्य प्रदेश में 30 अप्रैल से आंधी-बारिश का दौर शुरू हो गया था। लगातार 11 दिन यानी 10 मई तक प्रदेश में बारिश हुई। कभी वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) का असर देखने को मिला तो कभी चक्रवात और टर्फ का। इस वजह से मई के पहले सप्ताह में बारिश हुई। 11 मई को आंधी-बारिश का दौर थमा। लेकिन 12 से 18 मई तक लगातार प्रदेश के किसी न किसी हिस्से में आंधी-बारिश या ओलावृष्टि का दौर बना रहा। इस तरह मई के 18 में से 14 दिन आंधी, बारिश या ओलावृष्टि का असर रहा। मौसम विभाग ने मंगलवार को कहीं भी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है। 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम… पर्याप्त पानी पीएं, ज्यादा देर धूप में न रहें
गर्मी बढ़ने पर मौसम विभाग ने बचाव की एडवाइजरी जारी की है। लोगों से दिनभर पर्याप्त पानी पीने और शरीर को हाइड्रेट रखने की अपील की गई है। कहा गया है कि दोपहर में ज्यादा देर धूप में न रहें। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर ध्यान रखें। दोपहर 12 से 3 बजे तक तेज गर्मी पड़ती है। इस दौरान जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। मई में MP के 5 बड़े शहरों में ऐसा ट्रेंड भोपाल में गर्मी के साथ बारिश का भी दौर
भोपाल में मई में तेज गर्मी के साथ बारिश का ट्रेंड भी रहा है। यहां 2016 में तापमान रिकॉर्ड 46.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। 2014 से 2023 तक हर साल मई में बारिश दर्ज की गई। 2021 और 2023 में 2 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। इस बार भी मई में बारिश का अलर्ट है। इंदौर में 2023 में गिरा था 3 इंच पानी
इंदौर में मई में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, 31 मई 1994 को यहां रिकॉर्ड 46.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। मई में मौसम बदलने के साथ बादल और बौछारें भी होती हैं। पिछले साल करीब 3 इंच बारिश हुई थी। 2014 से 2023 के बीच 9 बार मई में बारिश हुई। ग्वालियर में 48 डिग्री के पार पहुंच चुका पारा
ग्वालियर में प्रदेश के अन्य बड़े शहरों की तुलना में ज्यादा गर्मी पड़ती है। 10 साल में यहां तापमान एक बार 47 डिग्री और तीन बार 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। 30 मई 1947 को यहां रिकॉर्ड 48.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। मौसम में बदलाव के कारण मई में ग्वालियर में बारिश भी होती है। 17 मई 1953 को 24 घंटे में सर्वाधिक 41.9 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई थी। 2023 में भी यहां ढाई इंच पानी गिरा था। जबलपुर में 3 बार 45 डिग्री पार कर चुका तापमान
जबलपुर में 25 मई 1954 को तापमान रिकॉर्ड 46.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। 10 साल में तीन बार पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार गया है। मई में यहां बारिश का ट्रेंड भी रहा है। 2014 से 2023 तक हर साल इस महीने बारिश हुई। 2021 की मई में 3 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी, जबकि पिछले साल करीब 2 इंच पानी गिरा था। उज्जैन में भी गर्मी, बारिश का ट्रेंड
उज्जैन में मई में गर्मी और बारिश दोनों का ट्रेंड रहता है। 22 मई 2010 को यहां तापमान रिकॉर्ड 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। 2014 से 2023 के बीच एक बार पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार गया। हालांकि, पिछले साल तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा नहीं पहुंचा। मई में यहां बारिश भी होती है। पिछले साल करीब पौन इंच पानी गिरा था।