हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में पिता के भोग पर छुट्टी लेकर आए जेल के हेड वार्डर की अचानक मौत हो गई। हेड वार्डर अपने खेत में पशुओं के बाड़े में काम करवा रहे थे। वे मजदूर और मिस्त्री के साथ हंसी-मजाक में मशगूल थे। इसी दौरान अचानक उनका मुंह टेढ़ा हो गया और वे जमीन पर गिर पड़े। उनके बेटे ने अपनी प्राइवेट कार से तुरंत उनको अंबाला के सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया। ठोल गांव के रहने वाले हेड वार्डर कुलदीप सिंह (53) जिला कैथल जेल में तैनात थे। कुलदीप सिंह अपने पीछे पत्नी सुनीता और बेटे साहिल सांगवान को छोड़ गए। उनका बेटा साहिल वेटरनरी डॉक्टर हैं। पिता के भोग पर आए थे गांव पिछले महीने 19 अप्रैल को कुलदीप सिंह के पिता करनैल सिंह की मौत हो गई थी। चार मई को उनके पिता का भोग था। पिता के भोग शामिल होने के लिए हेड वार्डर कुलदीप सिंह छुट्टी लेकर तीन मई को अपने घर पहुंच गए थे। पिता का भोग करने के बाद घर के छोटे-छोटे काम करने में जुटे थे। 7वें दिन दोबारा ड्यूटी करनी थी जॉइन कुलदीप सिंह को कल अपनी ड्यूटी जिला जेल कैथल में रिपोर्ट करनी थी। कुलदीप सिंह ड्यूटी पर जाने की तैयारी कर चुके थे। चार मई को पिता के भोग में परिवार, रिश्तेदारों, दोस्त और गांव के लोगों से मिल लिए थे। उनको 6 दिन की छुट्टी मिली थी, कल सातवें दिन उनको जेल में दोबारा अपनी ड्यूटी जॉइन करनी थी। मिस्त्री के साथ हंसी मजाक कर रहे थे बेटे साहिल सांगवान ने बताया कि 7 मई को खेत में पशुओं के बाड़े में मिस्त्री और मजदूर लगे हुए थे। आने वाले बरसाती सीजन को देखते हुए बाड़े में मिट्टी डलवाकर उसमें भर्त डाला गया था। वह अपने पिता के साथ ही बाड़े में खड़े थे। मैंने उनको घर जाकर रेस्ट करने की बात भी कही थी, लेकिन वे मिस्त्री के साथ हंसी-मजाक कर रहे थे। बोले- कल तक काम कंप्लीट करवाकर जाउंगा बेटे से कहा कि कल ड्यूटी पर जाना है, इसलिए बाड़े का काम कंप्लीट करवाकर ही जाउंगा। इसी दौरान दोपहर करीब 12 बजे बातचीत करते हुए उनका मुंह टेढ़ा हो गया और वे जमीन पर गिर पड़े। मैंने उनको संभाला और सीपीआर देने की कोशिश की। मैंने तुरंत अपनी गाड़ी निकाली और अंबाला सरकारी अस्पताल ले गया। यहां डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया। साल 2002 में हुए भर्ती साहिल ने बताया कि हार्ट फेलियर की वजह से उसके पिता ने दम तोड़ दिया। उसके पिता बिल्कुल स्वस्थ थे। उनको किसी तरह की कोई बीमारी नहीं थे। यह सब कुछ अचानक हो गया। साल 202 में उनके पिता कुलदीप सिंह हरियाणा पुलिस में बतौर कांस्टेबल भर्ती हुए थे। करीब 4 साल पहले उनको प्रमोशन मिली थी और जेल में हेड वार्डर बन गए थे।
कुरुक्षेत्र में छुट्टी पर आए हेड वार्डर की मौत:कैथल जेल में तैनात, पिता के भोग पर आए थे घर, हंसी-मजाक करते वक्त हार्ट फेल
