लखनऊ में सोमवार शहर से गांव तक की 20 लाख की आबादी को आंधी – पानी ने आठ घंटे तक बिजली-पानी को तरसा दिया। यह संकट 50 ज्यादा 33 हजार, 11 हजार, 440 वोल्ट करंट की लाइनों पर पेड़ गिरने के कारण 40 खंभे व तार क्षतिग्रस्त हो गए। 25 खंभे तो अमौसी जोन के हैं। विकासनगर में सबसे ज्यादा देर तक लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। विकासनगर में आम का पेड़ आंधी से सड़क पर गिरा तो कार दब गई। इससे 11 हजार व 440 वोल्ट की लाइन के तार टूटे तो उपकेंद्र के आसपास का एरिया सुबह से शाम तक बिजली संकट की चपेट में रहा। हालांकि, तेजी से काम कराकर बिजली चालू की गई। अहिबरनपुर उपकेंद्र के एसबीआई कॉलोनी को रोशन करने वाली लाइन पर पेड़ गिरा तो दो खंभे टूट गए। तीन घंटे में वैकल्पिक स्रोत से बिजली तो चालू कर दी गई, मगर नए खंभे शाम तक लग सके। ये उपकेंद्र हुए प्रभावित इसी प्रकार जानकीपुरम, जानकीपुरम विस्तार, आईआईएम रोड, कुर्सी रोड, गुड़ंबा, महानगर, निरालानगर, त्रिवेणीनगर, फैजुल्लागंज, निशातगंज, इंदिरानगर, गोमतीनगर, गोमतीनगर विस्तार, चिनहट, देवा रोड, तिवारीगंज, बीकेटी, इटौंजा आदि में पेड़ व टहनी गिरने से बिजली ठप हुई। उतरेठिया में टूटे पांच खंभे आंधी के कारण उतरेठिया उपकेंद्र इलाकों में पांच खंभे टूटने के कारण सुबह से शाम तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। साथ ही, आशियाना, बंगलाबाजार, बिजनौर, सरोजनीनगर, हरौनी, बंथरा,, नादरगंज, कानपुर रोड, मोहान रोड, आलमबाग, चारबाग, हजरतगंज, छावनी, सुल्तानपुर रोड, चौक, अमीनाबाद, ऐशबाग, ठाकुरगंज, राजाजीपुरम, सहादतगंज,हुसैनगंज, कैसरबाग आदि इलाकों में भी तारों के टूटने और उपकेंद्र से बिजली बंद किए जाने के कारण भी संकट उत्पन्न हुआ। दो लाख की आबादी प्रभावित आंधी-पानी से माल उपकेंद्र के तहत दो लाख की आबादी सात घंटे तक बिजली संकट से प्रभावित रही। सुबह 8 बजे गुल हुई बिजली दोपहर 3:30 बजे आई। इससे कस्बा माल सहित नरायनपुर, अटारी,गहदेव,मंझी,शंकरपुर,नबीपनाह आदि फीडरों से जुड़े गांवों की दो लाख की आबादी को बिजली-पानी के लिए परेशान होना पड़ा। 70 गांवों में सात घंटे संकट काकोरी। काकोरी उपकेंद्र क्षेत्र में सोमवार सुबह आई तेज आंधी और बारिश ने बिजली व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। अंधे चौकी और आम्रपाली के पास 33 केवी लाइन पर अचानक यूकेलिप्टस का पेड़ गिरने से सात घंटे आपूर्ति बाधित हो गई। इससे बाजनगर, दुर्गागंज, कस्बा काकोरी, दसदोई, टिकैतगंज, मंडौली, गोला कुआं, रसूलपुर, बहरू, शाहपुर समेत 70 से अधिक गांवों में सात घंटे से ज्यादा समय तक बिजली गुल रही। आंधी-पानी में शहर में तीस अधिक स्थानों पर गिरे पेड़ और फटीं डालें सोमवार सुबह तेज आंधी के साथ हुई बारिश से शहर में 30 से अधिक जगहों पर पेड़ गिरे और डालें फटीं। इससे आवागमन भी बाधित हुआ। जानकारी के बाद नगर निगम की टीम ने गिरे पेड़ और डालों को हटाने का काम किया। वहीं बारिश के कारण कई इलाकों जलभराव की समस्या भी नालियों पर अतिक्रमण और सीवर चोक के कारण हुई। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। नगर निगम के उद्यान अधीक्षक गंगाराम गौतम ने बताया कि तेज आंधी शहर के अलग-अलग इलाकों में 30 से अधिक जगहों पर पेड़ गिरे। जिनको दोपहर तक हटवा दिया । जिन इलाकों में पेड़ गिरने उनमें कालीदास मार्ग, महात्मा गांधी रोड, लोहिया पथ, गोमती नगर विशाल खंड, विराम खंड, विनय खंड, विश्वास खंड, मवैया छत्ता पुल, पुरानी चुंगी आलमबाग, राधाग्राम ठाकुरगंज, अलीगंज में उस्मान एंक्लेव के पास, केडी सिंह बाबू स्टेडियम, इंदिरा नगर के सेक्टर 16, 17 व डी, सी व ए ब्लाक शामिल है। जिन इलाकों में जलभराव की समस्या हुई उनमें गोमती नगर में समिट बिल्डिंग के सामने, खुर्रम नगर फ्लाईओवर, गोमती नगर में शहीद पथ की सर्विस लेन, सेक्टर क्यू चौराहा अलीगंज, सेक्टर जे अलीगंज, कल्याणपुर में गैस गोदाम वाली सड़क, मैकाले रोड, महानगर गोल चौराहा व कपूरथला चौराहा के आसपास सहित कई इलाकों में सड़कों पर जलजमाव हुआ।
लखनऊ में आंधी-बारिश से पटरी से उतरी बिजली व्यवस्था:20 लाख आबादी पानी-बिजली को तरसी; उखड़े दर्जनों पेड़
